झारखंड

सरिया मेरी जान, “कमीशन खोर जेई की काली करतूत की पहचान”

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सरिया | झारखण्ड 

ये जो तस्वीर में लकड़ी की दुकान आप देख रहे हैं, असल में सरिया मुख्य मार्ग में अवस्थित, यह दुकान एक गरीब परिवार से आने वाले रंजीत कुमार की है। बता दें की रंजीत कुमार की मजबूरी है की गरीबी के कारण और अपने परिवार के भरण पोषण से चिंतित होकर सरिया छेत्र से बाहर रोजी रोटी की जुगाड़ में पलायन पर हैं। 

इसी बीच इस रोड में पड़ने वाले रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य हो रहा है जिसके कारण रंजीत कुमार को जिला से नोटिस आया है की उक्त दुकान जो अतिक्रमित है को मुक्त किया जाए। अब इसमें खास बात यह है की सरिया में अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही लगभग सभी लोगों को मुआवजा राशि का लाभ, सरकार की ओर से मिल गया है। जिसमें जेई साहब का पॉकिट भी खूब गर्म हुआ है। वहीं रंजीत कुमार सरिया में ना रह पाने के कारण, जेई साहब को चढ़ावा नही चढ़ा सके, जिसके कारण इन्हें, मुवाबजा से वंचित कर दिया गया है। 

जबकि फुटपाथ पर फोल्डिंग लगा कर दुकानदारी करने वाले लोगों को भी कुछ ना कुछ मुवाबजा सुनिश्चित किया गया है,लेकिन सिर्फ एक गरीब परिवार रंजीत कुमार को चिन्हित कर के राशि से वंचित करना, जेई साहब की मनमानी साफ झलकती है। 

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