- बिष्टुपुर के सीएच एरिया से उठाया गया युवक, सरायकेला-जमशेदपुर पुलिस अलर्ट
जमशेदपुर (झारखंड): शहर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित सीएच एरिया से एक बड़े कारोबारी परिवार के युवक के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जमशेदपुर और सरायकेला से जुड़े प्रतिष्ठित व्यवसायी परिवार के 24 वर्षीय कैरव गांधी का अपराधियों ने स्कॉर्पियो वाहन में जबरन बैठाकर अपहरण कर लिया।
अपहरण के बाद परिजनों को इंडोनेशिया के एक नंबर से संपर्क कर 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है। घटना से शहर के व्यापारिक और औद्योगिक जगत में हलचल मच गई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 7 विशेष जांच टीमों का गठन
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सात विशेष जांच टीम (SIT) गठित की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि— तकनीकी साक्ष्य (मोबाइल लोकेशन/सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, संभावित रूट व नेटवर्क, अंतरराज्यीय कनेक्शन —इन सभी एंगल से जांच तेज कर दी गई है।
उद्यमी देवांगन गांधी के पुत्र हैं कैरव गांधी
अपहृत युवक कैरव गांधी, एसिया (एशिया) के उपाध्यक्ष एवं चर्चित उद्यमी देवांगन गांधी के पुत्र हैं। कैरव के अपहरण की खबर सामने आते ही व्यापारिक समुदाय में चिंता और तनाव का माहौल बन गया है।
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जताई नाराजगी और चिंता
घटना को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चैंबर अध्यक्ष गणेश केडिया ने इस अपहरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा—
“झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर में व्यापारिक माहौल पहले से दबाव में है। इस तरह की घटनाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि गांधी परिवार एक सरल, सम्मानित और प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार है, ऐसे में एक पढ़ा-लिखा युवा का इस तरह अपराध का शिकार होना अत्यंत चिंताजनक है।
फिरौती की मांग से व्यापारिक जगत में भय, निवेश पर असर की आशंका
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नंबर से फिरौती की मांग से व्यापारिक समुदाय में भय का माहौल बन रहा है, जिसका सीधा असर— निवेश, उद्योग, राज्य की छवि, स्थानीय व्यापार —पर पड़ सकता है।
प्रशासन-सरकार से त्वरित खुलासा करने की मांग
चैंबर अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि— इस मामले का शीघ्र खुलासा हो, अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, व्यापारिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी गंभीर हैं। वहीं, चैंबर प्रतिनिधियों ने डीजीपी से मुलाकात कर कैरव गांधी की सकुशल वापसी के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल, संगठित अपराध की आशंका
इस अपहरण कांड ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंडोनेशिया नंबर से फिरौती और अंतरराज्यीय छापेमारी यह संकेत दे रही है कि मामला संभवतः— संगठित अपराध गिरोह, अंतरराज्यीय नेटवर्क, व्यवसायियों को टारगेट करने वाली गैंग —से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस के लिए केवल अपहरण नहीं, शहर की सुरक्षा-प्रतिष्ठा की परीक्षा
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला सिर्फ एक अपहरण नहीं, बल्कि जमशेदपुर की सुरक्षा व्यवस्था, भरोसे और प्रतिष्ठा की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और जल्द से जल्द कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी पर टिकी हुई हैं।













