चक्रधरपुर (जय कुमार): World Photography Day हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है. यह दिवस उन लोगों के लिए खास महत्व रखता है जो किसी भी खूबसूरत चीज या नजारे को अपने कैमरे में कैद कर लेना पसंद करते है। यह दिन सिर्फ तस्वीरें लेने का नहीं बल्कि फोटोग्राफी के इतिहास, महत्व और कला को समझने का अवसर है. फोटोग्राफी हमारी यादों को संजोती है और हर पल की कहानी बयां करती है.
इसी अवसर पर मंगलवार को वेस्ट सिंहभूम फोटोग्राफर एसोसिएशन की ओर से चक्रधरपुर के बोरड़ा पुल समीप चटनी गार्डन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के फोटोग्राफर्स ने केक काटकर एक दूसरे को गले लगाकर शुभकामनाएं दीं और इस खास दिन को उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यक्रम के शुभारम्भ होने से पहले सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत फोटोग्राफर्स जो हमारे बिच नहीं है उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
World Photography Day
“फोटोग्राफी सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि कला है. यह सोच और नजरिया सामने लाती है. फोटोग्राफर कैमरे के जरिए दुनिया को नया रूप दिखाती हैं”
इतिहासकारों के मुताबिक कई साल पहले 9 जनवरी, 1839 को दुनिया की सबसे पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया का आविष्कार हुआ था। इस प्रक्रिया का नाम था डॉगोरोटाइप जिसे जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर नाम के 2 वैज्ञानिकों ने अविष्कार किया था। डॉगोरोटाइप टेक्निक फोटोग्राफी की पहली प्रक्रिया थी, इस टेक्निक के आविष्कार का ऐलान फ्रांस सरकार ने 19 अगस्त, 1839 में किया। इसी की याद में विश्व फोटोग्राफी दिवस हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है।
इस मौके पर वरिष्ठ फोटोग्राफर बलजीत सिंह जायसवाल, अध्यक्ष करुणाकरन उदयन, सचिव संजय कुमार मुखी, सादाब आलम, तरुण दास, जय कुमार, दिलीप महतो, रोहित मुंडा, मनीष बांडिया, जगबंधु नाग, कान्हू पाल, बरुण दास, मकरध्वज महतो, रोहित तांति, करन अभिषेक, साधु बोदरा, जलेश्वर पान, गुरुचरण समाड़, हरीश पूर्ति, प्रदीप कुमार बोदरा, सुमंत ठाकुर समेत कई फोटोग्राफर उपस्थित रहे।













