पूर्वी सिंहभूम के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
जमशेदपुर । किसानों की सिंचाई समस्या को स्थायी समाधान देने और डीजल पर निर्भरता घटाने की दिशा में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक-बी के अंतर्गत जिले के किसानों को सोलर पंप सेट योजना से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को 96-97 प्रतिशत अनुदान पर अत्यंत कम लागत में सोलर पंप उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति 22/2026 (दिनांक 09 जनवरी 2026) के अनुसार, 9 और 10 जनवरी को जिले की हर पंचायत में कैंप आयोजित कर प्रति पंचायत 50-50 आवेदन तैयार कर जेरेडा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने का अभियान चलाया जा रहा है।
क्या है पीएम-कुसुम योजना?
केंद्र सरकार की पीएम-कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, ताकि सिंचाई आसान हो और डीजल एवं पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटे।
झारखंड में इस योजना का क्रियान्वयन झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (JREDA) द्वारा किया जा रहा है।
✅ योजना से किसानों को होंगे ये लाभ:
- दिन के समय निर्बाध सिंचाई
- डीजल खर्च में भारी कमी
- कृषि लागत घटेगी
- किसानों की आय बढ़ेगी
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा
हर पंचायत में कैंप, आवेदन अभियान तेज
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि पीएम-कुसुम योजना किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उपायुक्त के निर्देश पर सभी प्रखंडों में 9 एवं 10 जनवरी को पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर आवेदन भरवाया जा रहा है।
इसके बाद 12 जनवरी तक प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से जेरेडा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
इस पूरे अभियान में प्रखंड प्रशासन, पंचायत स्तर के कर्मी और कृषक मित्र किसानों की सहायता कर रहे हैं।
कितना मिलेगा अनुदान? किसान को कितना देना होगा?
झारखंड सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त सहयोग से किसानों को 96-97% अनुदान पर सोलर पंप दिया जा रहा है।
📌 अनुदान का विवरण:
- झारखंड सरकार अनुदान: 71-72%
- केंद्र सरकार अनुदान: लगभग 25%
किसान अंशदान (क्षमता के अनुसार)
| सोलर पंप क्षमता | वास्तविक कीमत | किसान अंशदान |
|---|---|---|
| 2 HP | ₹1.80 लाख | ₹5,000 |
| 3 HP | ₹2.16 लाख | ₹7,000 |
| 5 HP | ₹3.18 लाख | ₹10,000 |
यानी इतनी बड़ी कीमत वाले पंप के लिए किसान को बेहद कम राशि देना होगा।
झारखंड देश के टॉप 5 राज्यों में
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि झारखंड में अब तक 40,000 से अधिक सोलर पंप सेट लगाए जा चुके हैं और राज्य ने लगभग 100 मेगावाट (MW) क्षमता हासिल कर ली है। इस उपलब्धि के साथ झारखंड देश के शीर्ष पाँच अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
कौन-कौन किसान इस योजना का लाभ ले सकता है?
योजना का लाभ केवल वही किसान ले सकते हैं जो निम्न शर्तें पूरी करते हों—
✔ झारखंड राज्य का स्थायी निवासी हो
✔ स्वयं की कृषि भूमि हो
✔ पहले कभी सोलर पंप का लाभ न लिया हो
✔ खेत के पास पानी का स्रोत (बोरिंग/कुआं/तालाब आदि) हो
❌ किन किसानों को लाभ नहीं मिलेगा?
- जिनके खेत में पहले से बिजली कनेक्शन है
- जिन्होंने अन्य किसी योजना से पहले सोलर पंप लिया है
- एक किसान परिवार को एक से अधिक पंप नहीं मिलेगा
आवेदन कैसे करें? (पूरी प्रक्रिया)
1️⃣ किसान PM-KUSUM पोर्टल www.pmkusum.jharkhand.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करेगा और Acknowledgement Slip प्राप्त करेगा।
2️⃣ आवेदन की स्थिति, पंप लगने के बाद की समस्या या रख-रखाव के लिए कंप्लेंट ऑनलाइन दर्ज कर सकता है—
- www.pmkusum.jharkhand.gov.in
- www.jreda.com
3️⃣ योजना में पंप “प्रथम आओ प्रथम पाओ” के आधार पर दिए जाएंगे।
4️⃣ किसान PM-KUSUM App / Portal से पंप की Live Monitoring और चालू स्थिति भी देख सकता है।
आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- फोटो
(ये सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे)
जानकारी/सहायता के लिए संपर्क
अधिक जानकारी के लिए किसान संपर्क कर सकते हैं— जिला कृषि पदाधिकारी (संपर्क: 9934958010) या संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से।
पीएम-कुसुम योजना पूर्वी सिंहभूम के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। एक तरफ जहां किसान डीजल की महंगाई से बचेंगे, वहीं दूसरी तरफ दिन में सिंचाई और कम लागत से उत्पादन बढ़ेगा। पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर आवेदन प्रक्रिया को सरल करना एक सराहनीय पहल है। अब जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा किसान समय रहते आवेदन करें, क्योंकि यह योजना “पहले आओ पहले पाओ” पर आधारित है।












