जमशेदपुर | जिला संवाददाता
नील-दीप नि:शक्त सेवा अभियान के संचालक एवं पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने मंगलवार को स्वयं सदर अस्पताल पहुंचकर दिव्यांग कैंप में भाग लिया। इस दौरान दो दिव्यांगजनों की शारीरिक जांच कराई गई, जिससे उन्हें दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
दूरभाष संपर्क से मिली राहत
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र से वंचित दो दिव्यांगों के परिजनों ने दूरभाष के माध्यम से श्री मंडल से संपर्क किया था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज वे दोनों दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ श्री मंडल के सहयोग से जिला सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे, जहां दिव्यांगता की विधिवत जांच कराई गई।
इन दिव्यांगों की हुई जांच
आज जिन दिव्यांगजनों की चिकित्सकीय जांच की गई, उनमें—
- खुशबू करूया (निवासी– सपोडेरा)
- मनोरंजन मंडल (निवासी– बुरूडीह, पोटका)
दोनों को हड्डियों से संबंधित गंभीर समस्या है, जिसके कारण चलने–फिरने में काफी कठिनाई होती है।
जांच व आगे की प्रक्रिया
चिकित्सकों द्वारा खुशबू करूया की आज पूर्ण जांच कर ली गई है, जबकि मनोरंजन मंडल को डॉक्टरों के निर्देशानुसार एक्स-रे कराने को कहा गया है। मनोरंजन मंडल की संपूर्ण जांच आगामी 27 जनवरी को पूरी की जाएगी।
बताया गया कि खुशबू करूया को एक माह के भीतर दिव्यांग प्रमाण पत्र मिल जाने की संभावना है।
प्रोत्साहन भत्ता दिलाने का आश्वासन
पूर्व पार्षद करुणा मय मंडल ने आश्वस्त किया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद दोनों लाभार्थियों को दिव्यांग प्रोत्साहन भत्ता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
समाजसेवियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर श्री मंडल के साथ समाजसेवी मुनी राम बास्के, ग्राम प्रधान लखन मंडल, शंकर मुखी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सम्मान और अधिकार मिल रहा है।
यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बना रही है, बल्कि समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









