जमशेदपुर | गोस्वामी तुलसीदास जी की 528वीं जयंती के अवसर पर सृजन हिंदी परिषद द्वारा मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के प्रांगण में एक भव्य “तुलसी जयंती समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना, रामचरितमानस के मूल्यों की समझ और तुलसीदास जी के साहित्यिक योगदान से प्रेरित करना था।
प्रतियोगिताओं में दिखी बाल प्रतिभाओं की झलक
नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए भिन्न-भिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें रामचरितमानस के पात्रों की वेशभूषा, चित्रांकन, पोस्टर निर्माण, चौपाई पाठ, निबंध लेखन, कोलाज निर्माण, झांकी प्रस्तुतिकरण जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।
कुछ प्रमुख प्रतियोगिताएँ और विजेता इस प्रकार रहे:
नर्सरी (रामचरितमानस पात्र वेशभूषा):
प्रथम – सौम्या कुमारी, प्रियांशी पाठक, श्रव्या सिंह, वैष्णवी कुमारी
द्वितीय – सात्विक हलधर, यशस्वी पांडे, सूर्याश सिंह, आयुष यादव
सांत्वना – शौर्य कुमार, कृतिका यादव, उर्वशी गहतो, मोहम्मद सरताज
एलकेजी व यूकेजी (रंग भरो प्रतियोगिता):
प्रथम – एनुर फातिमा (एलकेजी), जैनाब अहमद (यूकेजी)
द्वितीय – वान्या सिंह (एलकेजी), भयंक (यूकेजी)
कक्षा 1 (कोलाज):
प्रथम – अलीना अहमद
द्वितीय – अर्शिका कुमारी
कक्षा 2 (चित्रांकन):
प्रथम – सुरभि चंद्रा
द्वितीय – आरुषि पॉल
कक्षा 3 (गुड़िया बनाओ):
प्रथम – गौरवी मुंडा
द्वितीय – अभिनव सिंह
कक्षा 4-5 (रामचरितमानस झांकी):
प्रथम – कक्षा 5 अ समूह
द्वितीय – कक्षा 5 स समूह
तृतीय – कक्षा 4 ब समूह
कक्षा 6 (चौपाई पाठ):
प्रथम – अर्पिता (6 स)
द्वितीय – अंजली कुमारी (6 अ)
कक्षा 7-8 (पोस्टर):
प्रथम – आराध्या सृष्टि (7 स)
द्वितीय – आयुष पॉल (8 ब)
तृतीय – कृतिका कुमारी (8 स)
कक्षा 9-10 (चरित्र चित्रण):
प्रथम – यशवी कुमारी (10 अ)
द्वितीय – अभिनव त्रिपाठी (10 स)
तृतीय – अमृत राज तिवारी (10 स)
कक्षा 11-12 (निबंध):
प्रथम – उन्नति (12 अ)
द्वितीय – परीशा अग्रवाल (11 ब)
तृतीय – खुशी कुमारी (11)
गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरणादायक वक्तव्य
समारोह के मुख्य अतिथि प्रसेनजीत तिवारी, सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन एवं तुलसी भवन के मानद महासचिव थे। विशेष अतिथि दिव्येंदु त्रिपाठी, ख्यातिप्राप्त साहित्यकार एवं तुलसी भवन के सह-सचिव रहे। उन्होंने छात्रों को साहित्य, संस्कृति एवं नैतिकता के क्षेत्र में अग्रणी बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखिलेश कुमार दुबे (विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष), डॉ. डी.पी. शुक्ला (सचिव) तथा अन्य सदस्यों एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सिंह, उपप्राचार्या श्रीमती राखी मित्रा, संयोजिका श्रीमती बिंदु आहूजा सहित समस्त शिक्षकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का कुशल संचालन यशस्वी कुमारी, अभिनव त्रिपाठी और अनन्या ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ए० एस० पी० एल० अभय कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया।
यह आयोजन न केवल एक साहित्यिक पर्व था, बल्कि एक ऐसी पहल भी जो नई पीढ़ी को भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ती है। छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया कि रामायण और तुलसीदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं।









