Health : ट्यूबरकुलोसिस (TB), जिसे हिंदी में क्षय रोग कहा जाता है, दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे आम संक्रामक बीमारियों में से एक है। भारत में हर साल लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। हालाँकि TB गंभीर बीमारी है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका उपचार पूरी तरह संभव है—बस समय पर पहचान और सही इलाज जरूरी है।
TB क्या है?
TB एक बैक्टीरिया Mycobacterium tuberculosis की वजह से होने वाली संक्रामक बीमारी है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हड्डियाँ, दिमाग, किडनी और लिम्फ नोड्स में भी फैल सकती है।
TB कैसे फैलती है?
TB हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। एक सक्रिय TB मरीज जब खांसता, छींकता, बोलता या जोर से हंसता है, तो उसके फेफड़ों से निकले बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं। यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति इन्हें सांस के साथ अंदर ले ले, तो TB होने का खतरा बन जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि TB किसी को छूने, साथ खाना खाने या कपड़े इस्तेमाल करने से नहीं फैलती। यह केवल लंबे समय तक नज़दीक रहने पर ही फैलती है।
TB कितने प्रकार की होती है?
1. लेटेंट TB (छुपी हुई TB)
इसमें बैक्टीरिया शरीर में मौजूद तो रहते हैं, लेकिन रोग सक्रिय नहीं होता।
- मरीज को कोई लक्षण नहीं
- बीमारी आगे नहीं फैलती
- भविष्य में सक्रिय TB बनने का खतरा होता है
2. एक्टिव TB (सक्रिय TB)
इसमें बैक्टीरिया सक्रिय रूप से फेफड़ों या शरीर के किसी हिस्से को नुकसान पहुँचाते हैं। यही TB दूसरों को फैलता है और गंभीर रूप ले सकता है।
TB के मुख्य लक्षण
सबसे आमतौर पर TB फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके सामान्य लक्षण:
- लगातार दो हफ्ते से अधिक समय तक रहने वाली खांसी
- खांसते समय खून आना
- शाम या रात में बुखार
- वजन का तेजी से घटना
- भूख कम लगना
- रात में अत्यधिक पसीना
- कमजोरी और थकान
- सांस फूलना या सीने में दर्द
यदि TB शरीर के किसी दूसरे हिस्से में हो, तो वहां के अनुसार लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे:
- हड्डियों में TB: लगातार पीठ दर्द और सूजन
- दिमाग में TB (TB meningitis): सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी
- गर्दन में TB: लिम्फ नोड्स में सूजन
- किडनी में TB: पेशाब में खून
TB की जांच कैसे होती है?
भारत में TB की जांच आसान और मुफ्त उपलब्ध है। मुख्य जाँचें:
- बलगम की जांच (Sputum Test) – TB की पुष्टि के लिए सबसे जरूरी
- CBNAAT / TrueNat Test – TB और दवा-रोधी TB दोनों बताता है
- Chest X-ray
- Mantoux Skin Test
- Culture Test
सरकारी अस्पतालों में ये सभी जांचें “निकष” योजना के तहत मुफ्त होती हैं।
TB का इलाज कैसे होता है?
TB का इलाज लंबा जरूर है, लेकिन पूरी तरह सफल होता है।
साधारण TB: 6 महीने
दवा-रोधी TB (MDR/ XDR): 9–24 महीने
इलाज में कई तरह की एंटी-TB दवाएँ एक साथ दी जाती हैं। ध्यान रखने की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि:
👉 दवाएँ कभी बीच में नहीं छोड़नी चाहिए। अगर मरीज दवा बीच में छोड़ देता है, तो TB और खतरनाक रूप ले सकती है और दवाओं का असर कम हो जाता है।
किन लोगों को TB होने का खतरा अधिक रहता है?
- कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग
- कुपोषित (कम वजन) लोग
- धूम्रपान करने वाले
- ज्यादा शराब पीने वाले
- HIV मरीज
- Diabetes वाले लोग
- भीड़भाड़ या गंदे वातावरण में रहने वाले
TB से बचाव कैसे करें?
- TB मरीज के कमरे में वेंटिलेशन रखें
- खांसते समय मुंह ढकें
- मजबूत प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखें
- नवजात को BCG वैक्सीन लगती है
- TB मरीज दवाएँ समय से लें और इलाज पूरा करें
- भीड़भाड़, धूल, धुएँ और गंदगी से बचें
TB एक गंभीर लेकिन पूरी तरह ठीक हो सकने वाली बीमारी है। इसके लिए समय पर पहचान, नियमित जांच, पोषक भोजन और पूरे कोर्स तक दवा लेना बेहद आवश्यक है। अगर समाज TB के लक्षणों को समझे और मरीजों को सामाजिक सहयोग दे, तो TB को हराना बिल्कुल संभव है।














