मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

ये पैरों की दरारें नहीं हैं साहब, ये सपना देखने की हिम्मत की कहानी है, मेहनत के कर्मों का प्रमाणपत्र है

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: September 5, 2025 7:36 PM
Follow Us:
Add A Heading 21
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

जमशेदपुर / जादूगोड़ा : जादूगोड़ा का एक मेहनती चेहरा, पसीने और धूप से झुलसा हुआ शरीर, पर आंखों में चमक – उम्मीद की, नाम संतोष मांझी, उम्र 54 साल, संतोष मांझी एक ऐसा नाम नहीं, जो अख़बारों की हेडलाइन में ना आता है। उसे कोई पुरस्कार मिला, ना ही उसका कोई इंटरव्यू किसी न्यूज़ चैनल पर आया। पर उसका जीवन, उसके संघर्ष और उसकी मेहनत हर उस आदमी के लिए प्रेरणा है, जो हालात से हारने से इनकार करता है।

कारण तो बस इतना ही है कि इन्होंने 1994 में बड़ा बाजार कटिंग को छोड़कर जादूगोड़ा चले आए। काम की तलाश में। कहते हैं कि भूखा किसान बादलों की प्रतीक्षा करता है, गरीब व्यापारी ग्राहक निहारता ‌है, और हतप्रभ राजनेता मुद्दा तलाशते ‌हैं। बस इसी तलाश ने इन्हें बड़ा बाजार कटिंग से रोजगार की आशा में जादूगोड़ा पहुंचा दिया। इन्हीं उम्मीद के साथ इन्होंने चालू किया घर दुकानों में पानी पहुंचाने का काम।

THE NEWS FRAME

पूंजी के अभाव में उनके पास बस 2 ड्रम और एक लाठी था, जिन्हें यह अपने कंधों में लेकर संतोष होटल, सष्टी होटल, मोटू सेठ के घर दुकान पहुंचते थे। हर सुबह सूरज उगने से पहले वो अपनी चप्पलें पहन कर नल के पास जाकर ड्रम में पानी भर के यह दुकान दुकान घर-घर पानी पहुंचाने का काम किया। बोलते हैं जिस जादूगोड़ा में यूरेनियम निकलता है, वहां संतोष मांझी का पसीना और जान बसती है।

हमने पूछा: “थकते नहीं हो?”

संतोष मांझी मुस्कराते हुए बोले, “थक तो जाता हूँ साहब… पर जब सोचता हूँ कि परिवार का भरण पोषण कैसा होगा?… तो सारी थकान उड़न छू हो जाती है।”

हमने पूछा: आपके पैर में तो जख्म है, बहुत सारे दाग हो गए हैं।

जवाब: ये पैरों की दरारें नहीं हैं साहब, मेहनत के कर्मों का प्रमाणपत्र है।

हमने पूछा: आप दुकान घर-घर ठेले में पानी जाकर देते हैं। कितना पैसा मिलता है? पहले कितना पैसा मिलता था, अब आपको एक ठेले का कितना पैसा मिल जाता है?

जवाब: पहले मैंने एक ठेले का ₹5 से शुरूआत किया था। अब ₹20 रेट चल रहा है। आप खुद ही जोड़ लीजिए, मैं कितना कमा लेता हूं।

हमने पूछा: कभी तो थकते होंगे, आप कहां सोते हैं?

जवाब: थकते है तो सो जाते है जमीन पर अखबार बिछाके, हम मजदूर कभी नींद की गोलियां नही खाते।

सच बोला जाए तो ये कहानी सिर्फ मजदूरी की नहीं है… ये सपना देखने की हिम्मत की कहानी है।

THE NEWS FRAME

संतोष मांझी कभी स्कूल नहीं जा पाया। बचपन में खेतों में काम किया, जवानी में जादूगोड़ा आ गया पेट पालने, और अब उम्र के इस मोड़ पर भी इमारतों के ढाँचों में जान फूँक रहा है।

हमने सवालों का दौर फिर से जारी रखा और फिर पूछा: “आपका कोई जिंदगी का सपना है”

संतोष मांझी ने जवाब दिया: “भविष्य मैं अपने बच्चों के लिए सपने बना रहा हूँ।”

यह वैसे व्यक्ति है जिनके बारे में कोई सोचता नहीं है। यह बिना किसी तारीफ़ या पहचान के सच में बहुत मेहनत करने वाले लोग हैं। इन जैसे व्यक्तियों के लिए ना ही बारिश परेशानी है, ना ही कड़ी धूप सज़ा है, और ना ही बीमारी एक विलासिता।

सोशल मीडिया पर हम स्टार्स को फॉलो करते हैं, लेकिन असली हीरो ये हैं।

संतोष मांझी जैसे लाखों मजदूर इस देश की रीढ़ हैं। ना वे किसी को कोसते हैं, ना शिकायत करते हैं। उनके पास न कैमरा है, ना मंच – लेकिन उनके हाथों में इतनी ताकत है कि एक पूरी दुनिया खड़ी कर सकते हैं। तो चलिए हम सब ऐसे व्यक्तियों का सम्मान करें, सराहना करें – क्योंकि असली भारत इन्हीं हाथों में बसता है।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Sila

नगर परिषद चुनाव के दौरान हिंसा और भय के माहौल पर भाजपा युवा मोर्चा ने जताई चिंता

WhatsApp Image 2026 03 06 At 4.42.32 PM 1

जन शिकायत निवारण दिवस पर उप विकास आयुक्त ने सुनी नागरिकों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

WhatsApp Image 2026 03 06 At 11.40.36 AM

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल, प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम

WhatsApp Image 2026 03 06 At 11.39.38 AM

होली के अवसर पर मुस्लिम समाज ने वरीय पुलिस अधीक्षक को दी शुभकामनाएं,दिया भाईचारे और सौहार्द का संदेश

1234.jpg

जमशेदपुर पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एसएसपी पीयूष पांडेय ने 17 थाना प्रभारियों का किया तबादला

WhatsApp Image 2026 03 06 At 11.38.31 AM

संस्थापक दिवस पर खेल उत्कृष्टता का जश्न, टाटा स्टील ने इंटर-डिविजनल चैंपियंस को किया सम्मानित

Leave a Comment