- भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद, मंदिर प्रांगण बना आस्था का केंद्र
जमशेदपुर । श्री श्री दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर, ईस्ट प्लांट बस्ती, बर्मामाइंस का द्वितीय स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। आयोजन के दौरान पूरा क्षेत्र “जय मां काली” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर शनिवार सुबह मंदिर परिसर से दोमुहानी तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ भाग लेकर धार्मिक वातावरण को और भी दिव्य बना दिया।
सुबह-सवेरे निकली कलश यात्रा, साकची होते हुए पहुंची दोमुहानी
शनिवार की सुबह मंदिर प्रांगण से कलश यात्रा की शुरुआत हुई। कलश यात्रा ईस्ट प्लांट बस्ती से निकलकर साकची होते हुए दोमुहानी पहुंची। वहां श्रद्धालुओं ने विधिवत रूप से कलश में पवित्र जल भरकर मां काली का स्मरण किया और पुनः मंदिर लौटे। इसके बाद मंदिर पहुंचकर कलश यात्रा का समापन हुआ।
कलश यात्रा में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने योग्य रही। पारंपरिक वेशभूषा और सिर पर कलश लेकर चल रहीं महिलाएं पूरे रास्ते भक्ति में लीन नजर आईं।
महास्नान के बाद विशेष पूजा, विधि-विधान से हुई प्रार्थना
कलश यात्रा के समापन के बाद मंदिर में मां काली का महास्नान कराया गया। तत्पश्चात पुरोहित सुमन भट्टाचार्य द्वारा विधिविधान से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक मंत्रोच्चार और आरती से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
महाप्रसाद भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण
विशेष पूजा के उपरांत मंदिर कमिटी की ओर से महाप्रसाद (भंडारा) का भव्य आयोजन किया गया, जो देर शाम तक चला। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने मां काली का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बैठने, भोजन और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
1936 से होती आ रही है मां काली की पूजा: संस्थापक अध्यक्ष
मौके पर मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष गलविंदर सिंह संधू ग्वाले ने बताया कि श्री श्री दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर का यह द्वितीय स्थापना वर्ष है। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2024 को मंदिर स्थापना के साथ ही मां काली की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस स्थान पर 1936 से उनके पूर्वजों द्वारा मां काली की पूजा की परंपरा शुरू की गई थी, जिसे अब मां की कृपा और सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर के रूप में मूर्तरूप दिया गया है।
संस्थापक अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक माह अमावस्या के अवसर पर विधिविधान से पूजा की जाती है और श्रद्धालुओं के बीच भोग प्रसाद का वितरण किया जाता है।
गणमान्य लोगों ने की शिरकत
भंडारे एवं पूजा आयोजन में कई गणमान्य लोगों ने मां काली के दरबार में हाजिरी लगाई। इस अवसर पर—
- समाजसेवी शिव शंकर सिंह
- बर्मामाइंस थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यादव
- वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा
- जमशेदपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष संजीव भारद्वाज
सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और मां का प्रसाद ग्रहण किया।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से— उमा शंकर बेरा, सुजीत कुमार राउत, अरुण प्रसाद, हरिश्चंद्र प्रसाद, दुर्गानंद दुबे, संतोष सिंह, रंजीत कुमार राउत, अजीत कुमार राउत, राजीव कुमार झा, राहुल, अविनाश सिंह और अभिजित राउत की अहम भूमिका रही।
श्री श्री दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस आयोजन भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण बना। कलश यात्रा से लेकर पूजा-अर्चना और भंडारे तक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि मां काली की कृपा से यह मंदिर निरंतर आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।














