जमशेदपुर: मुरली पारामेडिकल एवं मुरली इंटर कॉलेज परिसर में “होली के रंग, मुरली की हंसी-उमंग के संग” थीम पर रंगोत्सव का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
सरस्वती वंदना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक और सकारात्मक वातावरण बन गया। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। होली गीतों पर विद्यार्थियों के समूह नृत्य ने माहौल को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया।
सामाजिक समरसता का संदेश
विद्यार्थियों ने रंगों के महत्व और सामाजिक समरसता पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और आपसी दूरी मिटाने का पर्व है। दर्शकों ने प्रस्तुति की खूब सराहना की।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
विद्यालय प्रबंधन ने अपने संबोधन में कहा कि होली हमें रिश्तों को मजबूत करने और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर सभी ने प्राकृतिक रंगों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को रासायनिक रंगों से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई।
मिठास के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन मिठाइयों के वितरण और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देने के साथ हुआ। पूरे परिसर में हंसी-खुशी और उमंग का माहौल देखने को मिला।
रंगोत्सव ने न केवल होली के उल्लास को जीवंत किया, बल्कि आपसी एकता और प्रेम का मजबूत संदेश भी दिया।












