The Blue Drum Murders: भारत के कई हिस्सों में अपराध की कहानियां अक्सर लोगों को चौंका देती हैं। कभी यह कहानियां आपसी रंजिश से जुड़ी होती हैं, तो कभी पारिवारिक विवाद से। हाल के दिनों में मेरठ में हुई नीले ड्रम में शव मिलने की घटना ने देश को झकझोर दिया था। और अब राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास कस्बे से एक ऐसी ही वारदात सामने आई है, जिसने आम लोगों को दहशत और सवालों के घेरे में डाल दिया है।
Blue Drum से उठी बदबू और खुला राज
किशनगढ़बास की आदर्श कॉलोनी में रविवार को मकान की छत पर रखे एक नीले ड्रम से उठती बदबू ने पूरे इलाके का ध्यान खींचा। जब मकान मालिक की पत्नी ने पुलिस को खबर दी और पुलिस मौके पर पहुंची, तो ड्रम के अंदर का नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। ड्रम में नमक डालकर छुपाया गया एक शव मिला। यह शव उत्तर प्रदेश निवासी हंसराज उर्फ सूरज का था, जो करीब डेढ़ महीने पहले यहां आकर रहने लगा था।
मजदूर से हत्या तक की कहानी
हंसराज किशनगढ़बास के एक ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। अपने परिवार – पत्नी और तीन बच्चों – के साथ वह किराए के घर में रह रहा था। लेकिन रविवार को उसका शव नीले ड्रम में मिला और उसकी पत्नी व बच्चे अचानक गायब हो गए। इससे मामला और उलझ गया।
पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि हंसराज का गला धारदार हथियार से काटा गया था। शव को ड्रम में डालकर उस पर नमक डाला गया ताकि वह गल जाए और किसी को पता न चले। लेकिन बदबू ने सारा भेद खोल दिया।
गायब परिवार और रहस्यमयी गुत्थी
हत्या के बाद से हंसराज की पत्नी सुनीता, बड़ा बेटा हर्षल, बेटी नंदिनी और छोटा बेटा गोलू लापता हैं। इतना ही नहीं, मकान मालिक राजेश शर्मा का बेटा जितेंद्र भी गायब है।
गांव के लोगों का कहना है कि हंसराज और जितेंद्र अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। जितेंद्र ने ही उसे किराए पर घर दिलाया था। दोनों के बीच का यह रिश्ता अब पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन चुका है।
पुलिस जांच और सवाल
मकान मालिक की पत्नी मिथलेश ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन जब वह बाजार गई थी, तभी से सुनीता और उसके बच्चे घर से गायब थे। उसी रात से जितेंद्र भी नहीं लौटा। अगले दिन बदबू आने पर उसने पुलिस को फोन किया और फिर यह हत्याकांड सामने आया।
डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इसे साफ तौर पर हत्या मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
सवालों के जवाब बाकी हैं
- क्या हंसराज की हत्या घरेलू कलह का नतीजा है?
- उसकी पत्नी और बच्चों के लापता होने के पीछे कौन है?
- क्या मकान मालिक का बेटा जितेंद्र इस पूरे मामले की कुंजी है?
किशनगढ़बास का यह “ब्लू ड्रम मर्डर” महज एक हत्या नहीं, बल्कि रहस्यों से भरी कहानी है। एक ओर मजदूर की बेरहमी से हत्या हुई है, दूसरी ओर पूरा परिवार और मकान मालिक का बेटा गायब हो गए हैं। पुलिस को अब यह पता लगाना है कि यह हत्या किसने और क्यों की।
यह वारदात हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज के अंदर छुपे छोटे-छोटे रिश्ते, दोस्ती या पारिवारिक कलह कब खतरनाक रूप ले लें, कोई नहीं जानता। इस केस की गुत्थी सुलझने तक इलाके में डर और सवालों का साया बना रहेगा।
राजस्थान में “ब्लू ड्रम मर्डर” का खुलासा
- किशनगढ़बास की आदर्श कॉलोनी से मिला युवक का शव
- पत्नी-बच्चे और मकान मालिक का बेटा लापता
मेरठ के बाद राजस्थान में हड़कंप
यूपी के मेरठ शहर में सौरभ राजपूत की हत्या और नीले ड्रम में शव दफनाने की घटना अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से ऐसी ही सनसनीखेज वारदात सामने आई है। किशनगढ़बास कस्बे की आदर्श कॉलोनी में रविवार को एक मकान की छत पर रखे नीले ड्रम से शव मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई।
शव को गलाने के लिए डाला गया नमक
पुलिस के अनुसार, शव को छुपाने के लिए ड्रम के अंदर नमक भर दिया गया था। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, बदबू फैलने लगी और मामला खुल गया। मकान मालिक राजेश शर्मा की पत्नी मिथलेश ने जब घर में दुर्गंध महसूस की तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मृतक की पहचान
शव की पहचान हंसराज उर्फ सूरज (निवासी उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। वह करीब डेढ़ माह पहले ही आदर्श कॉलोनी में किराए पर रहने आया था और पास के ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। पुलिस जांच में साफ हुआ कि हंसराज की गला काटकर हत्या की गई थी।
- पत्नी और बच्चे लापता
- हत्या के बाद से हंसराज की पत्नी सुनीता और उसके तीन बच्चे – बड़ा बेटा हर्षल, बेटी नंदिनी, सबसे छोटा बेटा गोलू घर से लापता हैं। इसके अलावा मकान मालिक राजेश शर्मा का बेटा जितेंद्र भी घटना के बाद से गायब है।
संदिग्ध रिश्ते और शराब की दोस्ती
पड़ोसियों और मकान मालिक की पत्नी के बयान से पता चला कि हंसराज और जितेंद्र अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। यही जितेंद्र उसे किराए पर कमरा दिलाने वाला भी था। जितेंद्र की पत्नी की मौत 12 साल पहले हो चुकी थी और वह ज्यादातर घर पर ही रहता था।
जन्माष्टमी के दिन (घटना वाले दिन) – मकान मालिक की पत्नी बाजार गई हुई थी। लौटने पर उसने पाया कि सुनीता और बच्चे कहीं दिखाई नहीं दे रहे। उसी शाम जितेंद्र भी घर नहीं लौटा।
पुलिस की कार्रवाई
वारदात की खबर मिलते ही किशनगढ़बास डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण, थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह शेखावत, एएसआई ज्ञानचंद और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। छत पर बने कमरे में जब ड्रम खोला गया तो हंसराज का शव मिला।
डीएसपी राजेंद्र सिंह ने बताया –
“यह मामला हत्या का है। शव पर धारदार हथियार से वार किया गया था। मृतक के परिजनों को सूचना दी जा रही है और लापता लोगों की तलाश में टीमें जुटाई गई हैं। फिलहाल हर पहलू से जांच की जा रही है।”
कई सवाल अब भी बाकी
- क्या हंसराज की हत्या का संबंध उसकी पत्नी और बच्चों की गुमशुदगी से है?
- मकान मालिक का बेटा जितेंद्र कहां गायब हो गया और क्या उसी ने वारदात को अंजाम दिया?
- शराब की दोस्ती ने क्या खून-खराबे का रूप ले लिया?
किशनगढ़बास की यह वारदात अब “ब्लू ड्रम मर्डर” के नाम से चर्चा में है। पुलिस के लिए यह केस रहस्य और चुनौती दोनों है। पूरे इलाके की निगाहें अब पुलिस जांच और लापता लोगों की तलाश पर टिकी हैं।













