जमशेदपुर: आज़ादनगर थाना क्षेत्र के शांति समिति के सक्रिय सदस्य अब्दुल रशीद का लंबी बीमारी के बाद कोलकाता में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से कोलकाता में इलाजरत थे और उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
कोलकाता में चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार, अब्दुल रशीद का इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में चल रहा था। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के कारण डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए
स्वर्गीय रशीद अपने पीछे एक बेटी और दो बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
- बेटी शगुफ्ता रशीद की शादी हो चुकी है।
- बड़ा बेटा अब्दुल कादिर कतर में सेफ्टी ऑफिसर के पद पर कार्यरत है।
- छोटा बेटा कोलकाता के एक अस्पताल में न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में सेवाएं दे रहा है।
मदरसा रसीदिया में अदा हुई नमाज़-ए-जनाज़ा
उनकी नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़ ज़ोहर मदरसा रसीदिया में अदा की गई। इसके बाद जाकिरनगर कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। जनाज़े में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
थाना प्रभारी ने जताया गहरा शोक
आजादनगर थाना के थाना प्रभारी श्री चंदन कुमार ने अब्दुल रशीद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रशीद शांति समिति के एक सक्रिय और मिलनसार सदस्य थे, जिनका समाज में विशेष योगदान रहा है। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
जनाज़े की नमाज़ में शहर के कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से शांति समिति के सचिव मुख्तार आलम खान, दिशा कंस्ट्रक्शन के नादिर खान, अब्दुल खालिद, नदीम खान, मिन्हाज अकरम, परवेज खान, मोहम्मद सलीम, सिकंदर, जसवंत सिंह, मोहम्मद ताहिर हुसैन, ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी और करीम सिटी कॉलेज के मोहम्मद अब्बास समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
अब्दुल रशीद का निधन न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे आज़ादनगर क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। वे सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक एकता के लिए सदैव सक्रिय रहे।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल दे।











