जमशेदपुर : TATA STEEL के सुरक्षा विभाग के फायर एवं सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर द्वारा जमशेदपुर में 13 से 16 जनवरी 2026 तक चार दिवसीय इमर्जेंसी रिस्पॉन्ट्रेडर्स टीम (ईआरटी) ट्रेन द ट्रेनर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टाटा स्टील के विभिन्न स्थानों पर आंतरिक आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को सुदृढ़ करना था।
उद्घाटन सत्र में अरविंद सिन्हा, चीफ सिक्योरिटी, फायर एवं ब्रांड प्रोटेक्शन; सूर्य भूषण सिन्हा, हेड – प्रोसेस सेफ्टी; तथा दीबा अहमद, चीफ एचआरबीपी – कॉरपोरेट फंक्शंस की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर नेतृत्व ने सुदृढ़ आपातकालीन तैयारी एवं प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणालियों के निर्माण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में टाटा स्टील के पांच लोकेशंस से चयनित बारह प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो विभिन्न कार्य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे मास्टर ट्रेनरों का एक समूह तैयार करना था, जो स्वतंत्र रूप से ईआरटी प्रशिक्षण संचालित कर सकें और अपने-अपने स्थानों पर आपातकालीन तैयारी को और मजबूत कर सकें।

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर), मेडिकल फर्स्ट रिस्पांस जिसमें प्राथमिक चिकित्सा और सॉफ्ट टिशू तथा मस्कुलोस्केलेटल चोटों का इलाज सहित अग्नि प्रबंधन, और गैस एवं रासायनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल थीं। सत्रों को क्लासरूम लर्निंग, प्रदर्शन और व्यापक व्यावहारिक प्रायोगिक अभ्यास के संयोजन के माध्यम से संचालित किया गया।
कार्यक्रम में सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स द्वारा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिनमें पारस गोयल, हेड – टाटा स्टील मैनेजमेंट डेवलपमेंट सेंटर (टीएमडीसी) द्वारा डिलीवरी और प्रेजेंटेशन कौशल पर सत्र, मेडिकल फर्स्ट रिस्पांस के लिए चिकित्सा पेशेवर, द्वारा बीएलएस और सीपीआर के लिए टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के डॉक्टर, गैस सुरक्षा विशेषज्ञ, साथ ही लर्निंग एंड डेवलपमेंट टीम और अनुभवी फायर क्रू सदस्यों के मूल्यवान सुझाव शामिल थे।
प्रतिभागियों का मूल्यांकन एक व्यापक असेसमेंट फ्रेमवर्क के माध्यम से किया गया, जिसमें फैसिलिटेशन कौशल का मूल्यांकन करने के लिए सिंडिकेट प्रेजेंटेशन, लिखित परीक्षा, और व्यावहारिक प्रदर्शन का मूल्यांकन शामिल था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे स्वतंत्र रूप से ईआरटी प्रशिक्षण देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
समापन सत्र में चीफ सिक्योरिटी, फायर एवं ब्रांड प्रोटेक्शन और जया सिंह पांडा, चीफ – लीडरशिप और डेवलपमेंट, उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपनी सीख को विभिन्न स्थानों पर साझा करें और टाटा स्टील की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में योगदान दें।
यह पहल टाटा स्टील की आंतरिक क्षमता विकसित करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को मजबूत करने और सभी संचालन स्थलों पर सक्रिय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने की लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाती है।














