जमशेदपुर | टाटा स्टील ने आज अपने प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति कार्यक्रम ‘वुमन ऑफ मेटल’ (Women of Mettle) के नवें सीज़न के विजेताओं की घोषणा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। इस बार देशभर के 55 से अधिक शीर्ष तकनीकी संस्थानों से 3,300 से अधिक छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया।
- आईआईटी रुड़की की स्वर्णिमा पटेल बनी विजेता, एनआईटी जमशेदपुर की सृष्टि श्रेया रहीं प्रथम उपविजेता, जबकि आईएसएम धनबाद की दिया अडिगा बनीं द्वितीय उपविजेता
विजेताओं की घोषणा
इस वर्ष आईआईटी रुड़की की स्वर्णिमा पटेल को विजेता घोषित किया गया। एनआईटी जमशेदपुर की सृष्टि श्रेया ने प्रथम उपविजेता का स्थान प्राप्त किया, जबकि आईएसएम धनबाद की दिया अडिगा को द्वितीय उपविजेता घोषित किया गया।
इस सीज़न का थीम था –
“लीडिंग द फ्यूचर: ऑपरेशनल एक्सीलेंस मीट्स इमर्जिंग टेक्नोलॉजी”
(अर्थात् – भविष्य का नेतृत्व: परिचालन उत्कृष्टता और उभरती तकनीक का संगम)।
निर्णायक मंडल और चयन प्रक्रिया
इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन टाटा स्टील के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने किया –
- संदीप कुमार, उपाध्यक्ष (कच्चा माल)
- पद्मपाल, प्रमुख (ब्लास्ट फर्नेस)
- जया सिंह पांडा, प्रमुख (लर्निंग एंड डेवलपमेंट) एवं चीफ डाइवर्सिटी ऑफिसर
प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत रूप से या दो-सदस्यीय टीमों में पंजीकरण किया।
2,600 से अधिक टीमों (जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक हैं) में से शीर्ष 50 टीमों को चुना गया। इन टीमों ने टाटा स्टील के मेंटर्स के मार्गदर्शन में एक माह तक प्रोजेक्ट कार्य किया।
इसके बाद प्री-फिनाले राउंड में केस स्टडी प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें से 10 सर्वश्रेष्ठ टीमों को ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित किया गया।
ग्रैंड फिनाले का प्रसारण यूट्यूब पर लाइव किया गया ताकि देशभर के विद्यार्थी इनकी मेहनत को देख सकें।
पुरस्कार और अवसर
- शीर्ष 10 टीमों को ₹2,00,000 का पुरस्कार,
साथ ही टाटा स्टील में तकनीकी इंटर्नशिप और प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) का अवसर दिया गया। - जबकि 11 से 50 रैंक तक की टीमों को गर्मी की इंटर्नशिप और प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू का मौका मिलेगा।
टाटा स्टील की प्रतिबद्धता : विविधता और समान अवसर
‘वुमन ऑफ मेटल’ न केवल महिला इंजीनियरों को अवसर देता है, बल्कि उन्हें
वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों, नेतृत्व और नवाचार के अनुभव से भी जोड़ता है।
इसके साथ ही, टाटा स्टील ‘QUEERious’ (LGBTQIA+ समुदाय के लिए)
और ‘Ananta Quest’ (विकलांग व्यक्तियों के लिए) जैसी पहल भी चलाता है,
जो कंपनी की विविधता, समानता और समावेश (DEI) के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
नेतृत्व और नवाचार का मंच
टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कच्चा माल) संदीप कुमार ने कहा —
“वुमन ऑफ मेटल सीज़न 9 ने एक बार फिर यह साबित किया है कि युवा महिला इंजीनियरों में कितनी अपार क्षमता और रचनात्मकता है। ये सिर्फ तकनीकी समस्याएँ नहीं सुलझा रहीं, बल्कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र का भविष्य गढ़ रही हैं। टाटा स्टील गर्व के साथ ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ प्रतिभा को अवसर मिलता है, मेंटरशिप नवाचार को जन्म देती है, और अगली पीढ़ी के नेता तैयार होते हैं।”
🌟 ‘वुमन ऑफ मेटल’ के ज़रिए टाटा स्टील न केवल तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहन दे रहा है, बल्कि भारत की महिला इंजीनियरों को उद्योग की नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की राह भी दिखा रहा है।













