नई दिल्ली:भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में अहम भूमिका निभा रही टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 10 गीगावाट EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) परियोजनाओं का सफलतापूर्वक कमीशन पूरा कर लिया है। यह माइलस्टोन न केवल कंपनी की मजबूत निष्पादन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उसकी अग्रणी स्थिति को भी और सुदृढ़ करता है।
अब तक कमीशन की गई 10 गीगावाट EPC परियोजनाओं में 9.7 गीगावाट सौर ऊर्जा और 290 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल हैं। इनमें से 4.2 गीगावाट इन-हाउस परियोजनाएं हैं, जबकि 5.8 गीगावाट थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए निष्पादित की गई हैं। यह उपलब्धि TPREL की तकनीकी विशेषज्ञता, मजबूत परियोजना प्रबंधन और गुणवत्ता व सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
FY26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल 2025–दिसंबर 2025) के दौरान कंपनी ने 1.88 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कमीशन की, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कमीशन की गई 1.4 गीगावाट क्षमता की तुलना में 33% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि है। इस कुल क्षमता में 1,329 मेगावाट सौर परियोजनाएं थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए और 546 मेगावाट इन-हाउस परियोजनाएं (187 मेगावाट पवन व 359 मेगावाट सौर) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को देश के पांच अलग-अलग राज्यों में कठिन मिट्टी, भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के बावजूद समय पर पूरा किया गया। यह TPREL के मजबूत निष्पादन मॉडल, कुशल सप्लाई चेन और विश्वसनीय वेंडर पार्टनरशिप का परिणाम है।
Q3FY26 कंपनी के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस तिमाही में TPREL ने 941 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं कमीशन कीं, जो कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही उपलब्धि है। यह आंकड़ा Q3FY25 के 393 मेगावाट की तुलना में 139% की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है।
इस अवधि में प्रमुख परियोजनाओं में बीकानेर (राजस्थान) में NHPC, NLC और SJVNL के लिए DCR-अनुपालन सौर परियोजनाएं तथा करूर (तमिलनाडु) में 187 मेगावाट की पवन परियोजना शामिल हैं। उन्नत इंजीनियरिंग प्रथाओं और चुस्त परियोजना प्रबंधन के जरिए इन सभी परियोजनाओं को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समय पर पूरा किया गया।
वर्तमान में TPREL की कुल यूटिलिटी-स्केल परिचालन क्षमता 6.0 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें 4.8 गीगावाट सौर और 1.2 गीगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। कंपनी ने FY26 के दौरान अतिरिक्त 0.75 गीगावाट स्वामित्व वाली क्षमता कमीशन करने का लक्ष्य रखा है।
यह उपलब्धि टाटा पावर रिन्यूएबल्स की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह भारत के ऊर्जा परिदृश्य को स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।











