ऑक्सफोर्ड (ब्रिटेन)। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के सोमरविले कॉलेज ने टाटा संस के चेयरमैन और प्रख्यात उद्योगपति श्री नटराजन चंद्रशेखरन (एन. चंद्रशेखरन) को अपनी फाउंडेशन फेलोशिप से सम्मानित किया है। यह कॉलेज द्वारा परोपकार के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है।
समारोह और विशेष अतिथि
यह सम्मान 23 सितम्बर 2025 को आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित थे –
- प्रोफेसर आइरीन ट्रेसी, वाइस-चांसलर, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड
- विक्रांत दुरईस्वामी, भारत के हाई कमिश्नर
- वरुण चंद्रा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार (बिज़नेस और इन्वेस्टमेंट)
- टाटा समूह और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कई अन्य गणमान्य सदस्य
चंद्रशेखरन को यह सम्मान कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल बैरोनेस जैन रॉयल और गवर्निंग बॉडी द्वारा प्रदान किया गया।
रतन टाटा बिल्डिंग और योगदान
एन. चंद्रशेखरन को यह सम्मान सोमरविले कॉलेज की नई “रतन टाटा बिल्डिंग” की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया।
- यह बिल्डिंग उनके मार्गदर्शक और महान परोपकारी श्री रतन टाटा के नाम पर बनाई गई है।
- यह भवन ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (OICSD) का स्थायी केंद्र होगा, जो 2013 से भारत और विश्व से जुड़े सतत विकास एवं पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर शोध कर रहा है।
क्या है फाउंडेशन फेलोशिप?
- यह सोमरविले कॉलेज का सर्वोच्च सम्मान है।
- इसे प्राप्त करने वाले को कॉलेज के साथ जीवनभर का रिश्ता स्थापित होता है।
- यह सम्मान कॉलेज और टाटा समूह के बीच वर्षों से चली आ रही मित्रता और सहयोग का प्रतीक है।
प्रमुख वक्तव्य
कैथरीन रॉयल, प्रिंसिपल, सोमरविले कॉलेज –
“चंद्रशेखरन प्रतिभा और कड़ी मेहनत की ताकत का जीवंत उदाहरण हैं। इस सम्मान के जरिए हम कॉलेज, OICSD और टाटा समूह के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।”
एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस –
“सोमरविले कॉलेज ने लगभग 150 वर्षों से समाज के सबसे गंभीर मुद्दों पर चुपचाप काम किया है। इसका कार्य हमारी कंपनी के मूल्यों और श्री रतन टाटा के उज्ज्वल आदर्शों से गहराई से जुड़ा है। आने वाले समय में भारत और ऑक्सफोर्ड के बीच यह साझेदारी और मजबूत होगी और हम मिलकर वैश्विक पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोजेंगे।”
एन. चंद्रशेखरन की पृष्ठभूमि
- बी.एससी. (एप्लाइड साइंसेस) – कोयंबटूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु
- एमसीए – नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली
- करियर की शुरुआत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से, जहां वे चेयरमैन बने।
- इसके बाद टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों की जिम्मेदारी संभालते हुए चेयरमैन, टाटा संस और टाटा समूह बने, जो भारत का सबसे बड़ा बिजनेस समूह है।
यह सम्मान न केवल एन. चंद्रशेखरन की उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि यह भारत और ब्रिटेन के बीच शिक्षा एवं शोध सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला कदम भी है।











