- भारत भारती वेटरन्स की बैठक में लिया गया निर्णय, राष्ट्र प्रथम की भावना जगाने का होगा उद्देश्य
राँची: राष्ट्र निर्माता और लौह पुरुष के नाम से प्रसिद्ध भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती इस वर्ष 31 अक्टूबर 2025 को राँची स्थित झारखंड विधान सभा सभागार में धूमधाम से मनाई जाएगी।
इस निर्णय की घोषणा भारत भारती वेटरन्स की बैठक में की गई, जो आज कांके डैम रोड स्थित गेस्ट हाउस में सम्पन्न हुई।
बैठक में शामिल रहे गणमान्य सदस्य
बैठक में भारत भारती बंगलोर के प्रदेश अध्यक्ष मेजर संजय मेहरोत्रा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह, प्रदेश कार्यकारी सचिव सुशील कुमार सिंह, ब्रिगेडियर वी. जी. पाठक, कर्नल आर. के. चौधरी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। जमशेदपुर से राजीव रंजन, डॉ. कमल शुक्ला, दिनेश सिंह, अभय सिंह, कामबाबू गणेश राव तथा राँची से अवध मुनि पाठक, यू. के. सिंह, सीमा सिंह आदि प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य: राष्ट्र प्रथम की भावना को बढ़ावा
बैठक में बताया गया कि इस समारोह का मुख्य उद्देश्य राँची में निवासरत देश के विभिन्न राज्यों से आए विभिन्न भाषा, वेशभूषा, खानपान और संस्कृतियों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी परिचय और सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना है।
इससे न केवल राष्ट्र प्रथम की भावना सशक्त होगी, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक विविधता के प्रति आदर भाव भी बढ़ेगा।
आयोजकों का मानना है कि यह प्रयास देश के विकास में सकारात्मक प्रभाव डालेगा और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में प्रेरित करेगा।
बच्चों की भी होगी सहभागिता
समारोह में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी शामिल करने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माता सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा ले सके।
आयोजन की ज़िम्मेदारियाँ तय
- कार्यक्रम का संयोजक सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह और सह संयोजक सुशील कुमार सिंह को बनाया गया है।
- कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वागत, मंच व्यवस्था, सांस्कृतिक, प्रचार-प्रसार, भोजन व्यवस्था आदि विषयवार उपसमितियों का गठन भी किया गया है।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का आह्वान
बैठक की अध्यक्षता मेजर संजय मेहरोत्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर बी. जी. पाठक (सेवानिवृत्त) और विशिष्ट अतिथि कर्नल आर. के. चौधरी (सेवा निवृत्त) रहे। उन्होंने सभी वेटरन्स से सिविल समाज के साथ तालमेल बनाकर राष्ट्रहित, समाजहित और सैन्यहित में सतत योगदान देने का आह्वान किया।













