जमशेदपुर:-पुलिस केंद्र गोलमुरी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर आज शौर्य, बलिदान और सम्मान से भरा एक भावुक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांड ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, जवानों एवं शहीद परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक स्थल पर माल्यार्पण और दो मिनट के मौन के साथ हुई। एसएसपी पीयूष पांडेय ने शहीदों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जिन वीर जवानों ने समाज और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे सपूतों के कारण ही समाज में शांति, कानून व्यवस्था और सुरक्षा कायम रहती है।
एसएसपी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस विभाग शहीदों के परिजनों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा है और उनके सम्मान व सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों के परिजनों को मंच पर आमंत्रित कर अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। यह क्षण अत्यंत भावुक रहा। परिजनों की आंखों में जहां अपने प्रिय को खोने का दर्द था, वहीं उनके चेहरे पर गर्व भी साफ झलक रहा था। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने खड़े होकर तालियों के साथ शहीद परिवारों के सम्मान में अभिवादन किया।
इस अवसर पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पुलिस बल के जवानों में सेवा भावना, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करते हैं। शहीदों की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।
एसएसपी पीयूष पांडेय ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे पुलिस और सुरक्षा बलों के त्याग को समझें तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण का निर्माण संभव है।
अंत में कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना के साथ हुआ। यह आयोजन शहीदों के अमर बलिदान को याद करने और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा कि देश की रक्षा में अपने प्राण देने वालों को समाज हमेशा सम्मान और स्मरण देता रहेगा










