- पंडरा ओपी क्षेत्र में जमीन विवाद में फायरिंग, तीन घायल, 6 गिरफ्तार
- राजधानी मान्या टावर के पास देर रात चली गोली, मौके से 7 खोखा बरामद
रांची | रांची के पंडरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत पिस्का मोड़ तेल मिल गली के पास स्थित राजधानी मान्या टावर के समीप दिनांक 17 जनवरी 2026 की रात लगभग 09:00 बजे फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। घटना में तीन लोगों को गोली लगने की पुष्टि हुई है, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुसंधान एवं छापेमारी अभियान शुरू कर दिया। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
3 एकड़ जमीन विवाद बना फायरिंग की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग की यह घटना सुकरहुटू मनातु, कांके रिंग रोड स्थित करीब 03 एकड़ जमीन को लेकर हुई।
पुलिस के अनुसार घटनाक्रम
- 17.01.26 को दोपहर लगभग 01:00 बजे जमीन को लेकर दो गुटों में मारपीट हुई थी।
- एक पक्ष में आकाश सिंह व विकास सिंह गुट थे।
- दूसरे पक्ष में संजय पाण्डेय, रवि यादव और आशु साव उर्फ बबलू साव शामिल थे।
- इसके बाद शाम में दोनों पक्षों ने फिर से विवादित जमीन और पैसे के लेन-देन को लेकर बातचीत/मीटिंग करने का निर्णय लिया।
मीटिंग के दौरान बहस बढ़ी, फिर चली गोली
पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष राजधानी मान्या टावर, पिस्का मोड़ तेल मिल गली के पास मिले। बातचीत के दौरान जमीन और पैसे के मुद्दे पर बहस-बाहस बढ़ गई, जिसके बाद अचानक फायरिंग शुरू हो गई।
फायरिंग में तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
छापेमारी में 6 गिरफ्तार, हथियार व वाहन जब्त
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत और सामान भी बरामद किया गया है।
✅ बरामद सामानों की सूची
- एक देशी कट्टा (लोडेड) एवं एक जिंदा गोली
- एक स्कॉर्पियो वाहन
- फायरिंग किया हुआ खाली खोखा – 07
- तीन प्लेट
- मोबाइल फोन – 08
सुखदेवनगर थाना में कांड दर्ज, अन्य की गिरफ्तारी जारी
घटना को लेकर सुखदेवनगर थाना (पंडरा ओपी) में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जमीन विवाद से बढ़ता अपराध चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि जमीन विवाद और पैसे का लेन-देन अब आम बहस से आगे बढ़कर हिंसक अपराध में बदल रहा है। ऐसे मामलों में समय पर मध्यस्थता और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।













