रांची:-दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची एवं चक्रधरपुर रेल मंडल से संबंधित संसद सदस्यों की मंडल समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने की। बैठक में सांसदों, उनके प्रतिनिधियों एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक की शुरुआत में सांसद बिद्युत बरण महतो ने सभी उपस्थित सांसदों एवं रेलवे अधिकारियों का स्वागत किया, जिसके बाद बैठक की औपचारिक कार्रवाई प्रारंभ हुई। इस दौरान सांसदों एवं उनके प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़ी रेल संबंधी समस्याओं, मांगों और प्रस्तावों को प्रमुखता से उठाया, जिन पर रेलवे अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में सांसद बिद्युत बरण महतो ने चक्रधरपुर एवं चांडिल से टाटानगर पहुंचने वाली यात्री ट्रेनों के अत्यधिक विलंब का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार विलंब के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आम जनता में रेल प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हावड़ा-मुंबई रूट अत्यधिक व्यस्त होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के रूप में सांसद ने चांडिल-बोड़ाम-पटमदा-काटिन-बंदवान होते हुए झाड़ग्राम तक नई रेलवे लाइन के निर्माण की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित रेलवे लाइन एक बाईपास लाइन के रूप में कार्य करेगी, जिससे हावड़ा-मुंबई मुख्य रूट का दबाव कम होगा और ट्रेन परिचालन सामान्य हो सकेगा। साथ ही यह लाइन आदिवासी एवं पिछड़े बहुल क्षेत्रों को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
सांसद श्री महतो ने बैठक में यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि टाटानगर स्टेशन से चलने वाली कई पुरानी एवं महत्वपूर्ण ट्रेनों जैसे दुर्ग-दानापुर, टाटा-बक्सर, टाटा-थावे, जलियांवाला बाग, टाटा-यशवंतपुर, टाटा-एर्नाकुलम, टाटा-जम्मूतवी एवं टाटा-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को आदित्यपुर से संचालित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने इसका कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में इन यात्री ट्रेनों को टाटानगर से शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा।
इसके अलावा सांसद ने टाटानगर स्टेशन रिडेवलपमेंट योजना के तहत रेलवे लीज की जमीन पर बसे दुकानदारों, मकानों एवं संस्थानों के विस्थापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सभी प्रभावित लीजधारकों का पुनर्वास अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए, ताकि उनकी आजीविका पर कोई असर न पड़े।
बैठक में सांसद द्वारा कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गईं, जिनमें सालगाझुरी आरयूबी को शीघ्र शुरू करना, परसुडीह-मकदमपुर एवं सुंदरनगर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण, सिदिरसाई हॉल्ट में यात्री सुविधाओं का विस्तार, टाटानगर-दिघा एवं टाटा-काटपाडी-तिरूपति-बेंगलुरू नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत, साउथ बिहार एक्सप्रेस का बक्सर तक विस्तार तथा टाटानगर सेकेंड एंट्री गेट पर फ्री ड्रॉपिंग लेन की सुविधा शामिल है।रेलवे अधिकारियों ने सभी प्रस्तावों को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।













