नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में रिक्त पदों को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में अहम जानकारी दी है। लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इसरो में कुल 2,613 पद वर्तमान में खाली हैं, जिनको भरने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है।
सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इसरो में कुल 18,142 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 15,529 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 85.6 प्रतिशत पद भरे हुए हैं, जबकि 14.4 प्रतिशत पद रिक्त हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रेणी में सबसे अधिक रिक्तियां
विभागवार आंकड़ों में पता चला है कि
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्रेणी में 14,108 स्वीकृत पदों के मुकाबले 12,472 पद भरे हैं और 1,636 पद खाली हैं।
- प्रशासनिक श्रेणी में 4,034 स्वीकृत पदों में से 3,057 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 977 पद रिक्त हैं।
भर्ती प्रक्रिया जारी, अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने बताया कि कुल रिक्त पदों में से 1,449 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पहले से जारी है और यह विभिन्न चरणों में चल रही है। विभाग का लक्ष्य है कि इन पदों पर भर्ती अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाए।
वहीं 933 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू की जा रही है। इन पदों को भरना चयन प्रक्रिया के परिणामों और पात्र उम्मीदवारों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
अंतरिक्ष मिशनों को ध्यान में रखकर तेजी
सरकार ने यह भी संकेत दिया कि इसरो के बढ़ते अंतरिक्ष अभियानों—जैसे मानव अंतरिक्ष मिशन, उपग्रह प्रक्षेपण और नई तकनीकी परियोजनाओं—को देखते हुए मानव संसाधन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए विभाग सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है।
संसद में दी गई इस जानकारी से साफ है कि इसरो में स्टाफ की कमी को दूर करने की दिशा में सरकार ने स्पष्ट समयसीमा तय की है और आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर भर्ती देखने को मिल सकती है।













