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पी. जे. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय युवा दिवस पर द्वितीय आंतरिक परीक्षा परिणाम घोषित

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On: January 13, 2026 11:36 AM
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चक्रधरपुर (जय कुमार) :पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, इंग्लिश मीडियम, पंप रोड, शत्रुघ्न नगर, चक्रधरपुर में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर द्वितीय आंतरिक परीक्षा परिणाम सभी अभिभावकों की उपस्थिति में घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के अध्यक्ष श्री राकेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्रीमती दमयंती नाग, सह-सचिव श्री बकलेश महतो एवं प्रधानाचार्य श्री आनंद चन्द्र प्रधान द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता की तस्वीर पर पुष्पार्चन के साथ की गई।

इस अवसर पर विद्यालय अध्यक्ष श्री राकेश श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में बच्चों को सही दिशा देने के लिए अभिभावकों को अपना समय बच्चों के साथ बिताना होगा, ताकि वे मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच सकें और संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें।

विद्यालय के सह-सचिव श्री बकलेश महतो ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर एक अच्छा इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए तथा राष्ट्र के लिए कुछ बड़ा करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

प्रधानाचार्य श्री आनंद चन्द्र प्रधान ने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की भावना को सशक्त करता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को केवल धन कमाने की मशीन न बनाएं, बल्कि ऐसे नागरिक का निर्माण करें जो भविष्य में राष्ट्रहित में योगदान दे सके।

आचार्य सौभिक घटक ने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने किया। शांति देवी ने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित सप्त शक्ति संगम (दिनांक 20 जनवरी 2026) के बारे में माताओं को विस्तार से जानकारी दी और अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, स्वास्तिक सोय, भारती कुमारी, मीना कुमारी सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा

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