जमशेदपुर:-राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पांच दिवसीय उन्नत प्रबंधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (A-MDP) का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (CSE) विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार के MSME मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है। “वेब डेवलपमेंट के माध्यम से एमएसएमई का क्षमता निर्माण” विषय पर आधारित यह प्रशिक्षण 27 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि डॉ. राजीव श्रीवास्तव, निदेशक, IIT रांची के कर-कमलों से संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में एमएसएमई क्षेत्र के लिए तकनीकी दक्षता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने वेब टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग को छोटे व्यवसायों के विस्तार का मजबूत आधार बताया। इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के पूर्व छात्र श्री राजीव रंजन ‘विशिष्ट अतिथि’ के रूप में उपस्थित रहे।

संस्थान के निदेशक एवं कार्यक्रम संरक्षक प्रो. गौतम सूत्रधर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों को आधुनिक वेब तकनीकों से जोड़ने का प्रयास है, जिससे वे न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है और इस तरह के प्रशिक्षण एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वेब डेवलपमेंट और डिजिटल व्यवसाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान दिया जाएगा। इसमें HTML, CSS, JavaScript और Bootstrap के माध्यम से वेबसाइट निर्माण, CMS आधारित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (WordPress, Wix, Shopify) का विकास, डिजिटल मार्केटिंग के अंतर्गत SEO एवं वेब एनालिटिक्स, साथ ही भुगतान गेटवे एकीकरण और साइबर सुरक्षा के सर्वोत्तम अभ्यास शामिल हैं।
कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों— IIIT नया रायपुर, मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर, एनआईटी राउरकेला और मैनिट (MANIT) भोपाल—के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, WEBOCTA जैसी तकनीकी कंपनियों के संस्थापक भी अपने व्यावहारिक अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन रहा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनआईटी जमशेदपुर के उप-निदेशक प्रो. राम विनय शर्मा, डीन (R&C) प्रो. सतीश कुमार तथा CSE विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार शॉ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. बिनोद कुमार सिंह, डॉ. चन्द्रशेखर आज़ाद, डॉ. कनिका प्रसाद और प्रो. दानिश अली खान द्वारा किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण के संचालन में छात्र समन्वयकों सप्तर्षि, हरीश, उजरा रहमान, अंगना सूत्रधर, संदीप और नयन की भूमिका भी सराहनीय रही है। पंजीकरण से लेकर तकनीकी सत्रों के प्रबंधन तक उनकी सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद की।
यह कार्यशाला न केवल प्रतिभागियों के तकनीकी ज्ञान को समृद्ध करेगी, बल्कि झारखंड एवं आसपास के क्षेत्रों के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर उन्हें नए अवसरों की ओर अग्रसर करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।













