गलूडीह, 7 अक्टूबर 2025 — मुरली ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, गलूडीह के कॉलेज परिसर में आज सुबह 8 बजे पर्यावरण संरक्षण पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम “पर्यावरण संरक्षण – एक बहुत बड़ी चुनौती” (अंग्रेज़ी में “Plant Today, Breathe Tomorrow”) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी को हराभरा बनाने के लिए पौधारोपण और पर्यावरणीय जागरूकता को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक पद्मश्री श्रीमती जमुना टुडू रहीं, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं और यदि हम इन्हें बचाएंगे तो भविष्य की पीढ़ियाँ सांस ले पाएंगी। उन्होंने विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय से अपील की कि वे पर्यावरण की रक्षा को जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के ब्रांड एंबेसडर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक श्री रामस्वरूप यादव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पर्यावरण केवल पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

इस अवसर पर मुरली ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के चेयरमैन श्री पी. के. मुरली और डायरेक्टर श्रीमती नूतन रानी ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान सदैव सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि “Join us in greening the Earth, one tree at a time” की भावना से प्रेरित होकर विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ाव का अवसर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में संरक्षक श्री एस. मिस्त्री, शिक्षिका शशिकला देवी, कॉमर्स शिक्षक सुदीप दत्ता, जीवविज्ञान शिक्षिका शिल्पा साहू, मिताली नमाता, डॉ. अपूर्व विक्रम, डॉ. उदय प्रकाश, मनोरमा कुमारी, एसभरुल उल हक, जयशंकर बागदल, सुनील कुमार, अब्दुल, निगार सुलताना तथा सलाहकार अनिल कुमार मौर्य की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने पौधारोपण कर हरियाली का संदेश दिया।

मुरली इंटर कॉलेज की ओर से बताया गया कि संस्थान में कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों ही शाखाओं में 3000 से 5000 विद्यार्थियों का नामांकन होता है। मासिक शुल्क क्रमशः आर्ट्स के लिए ₹300, कॉमर्स के लिए ₹400 और साइंस के लिए ₹500 निर्धारित है। वहीं, पैरामेडिकल विषयों में ₹15,000 शुल्क पर प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है और पात्र विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाती है।
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने यह संदेश दिया कि प्रदूषण से जंग तभी जीती जा सकती है जब हर व्यक्ति हरियाली का दूत बने। सभी विद्यार्थियों ने “प्रकृति से जुड़ाव, जीवन का विस्तार” के संकल्प के साथ पौधारोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों में हरियाली के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की नई लहर भी लेकर आया।













