- शिक्षाविद् नरगिस ए. मैडन ने साझा किए अनुभव और सीख
जमशेदपुर : Motilal Nehru Public School में शिक्षकों के लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायी लर्निंग सेशन का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में प्रसिद्ध शिक्षाविद् नरगिस ए. मैडन ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को खास बनाया। वे टाटा स्टील से जुड़ी टारापोर एग्रीको से संबद्ध हैं और J. H. Tarapore School की पूर्व प्राचार्य व निदेशक रह चुकी हैं।
यह सत्र औपचारिक भाषण से अलग, एक खुले और आत्मीय संवाद के रूप में सामने आया। अपने लंबे शिक्षण और नेतृत्व अनुभव के आधार पर श्रीमती मैडन ने शिक्षकों से दिल से जुड़ी बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाना केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों के जीवन को छूना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उनके चरित्र के साथ-साथ उनकी क्षमता को भी निखारना है।

सत्र के दौरान उन्होंने कक्षा से जुड़े वास्तविक अनुभव साझा किए और शिक्षकों को बच्चों की बात ध्यान से सुनने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि हर बच्चा अपनी अलग कहानी, ताकत और संभावना लेकर कक्षा में आता है, जिसे समझना शिक्षक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सहानुभूति, निरंतरता और आत्ममंथन पर आधारित शिक्षण पद्धति पर उनकी बातें शिक्षकों को गहराई से छू गईं।
शिक्षकों ने इस सत्र को उत्साहवर्धक और भरोसा बढ़ाने वाला बताया। उन्हें लगा कि उनके रोज़मर्रा के प्रयासों का महत्व फिर से मजबूत हुआ है। स्कूल की प्राचार्या संगीता सिंह और समस्त शिक्षकों ने श्रीमती मैडन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से शिक्षकों में नए जोश और उद्देश्य की भावना जगी है।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। शिक्षक नए दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और हर विद्यार्थी को संवेदनशीलता, रचनात्मकता और करुणा के साथ आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ अपने-अपने कक्षाओं में लौटे।














