नई दिल्ली। अगर आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का कोई बैंक खाता पिछले 10 सालों से निष्क्रिय है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अब ऐसे खातों की राशि वापस दिलाने के लिए लोगों की मदद कर रहा है। आरबीआई ने “जमाकर्ता शिक्षण और जागरूकता (DEA) निधि” के तहत उद्गम पोर्टल (https://udgam.rbi.org.in) शुरू किया है, जहाँ से लोग अपने भूले हुए खातों की जानकारी खोज सकते हैं।
आरबीआई के अनुसार, जिन खातों में 10 वर्षों तक कोई लेनदेन नहीं हुआ है, उनकी राशि संबंधित बैंक द्वारा इस निधि में जमा कर दी जाती है। लेकिन यह रकम पूरी तरह सुरक्षित रहती है और खाता धारक या उसके उत्तराधिकारी इसे कभी भी दावा कर सकते हैं।

इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आरबीआई ने बताया है कि कोई भी व्यक्ति उद्गम पोर्टल पर जाकर अपने नाम, बैंक और अन्य विवरण दर्ज कर पता लगा सकता है कि उसका कोई निष्क्रिय खाता तो नहीं है। यदि राशि मिलती है, तो संबंधित बैंक की शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र) जमा करने के बाद धनराशि प्राप्त की जा सकती है।
विशेष बात यह है कि अक्तूबर से दिसंबर 2025 तक पूरे देश में “दावा न की गई जमाराशियों के लिए विशेष शिविर” लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने भूले हुए पैसे वापस पा सकें।
आरबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूक रहें, समय-समय पर अपने बैंक खातों की स्थिति की जांच करते रहें और धोखाधड़ी से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करें।
आरबीआई का संदेश है – जानकार बनिए, सतर्क रहिए और अपने हक़ का पैसा वापस पाइए।














