चाईबासा: जिला परिवहन अधिकारी की अध्यक्षता में झारखंड मुख्यमंत्री ग्रामीण गाड़ी योजना के तहत चलने वाले बस मालिकों के साथ एक बैठक हुई। जिला परिवहन अधिकारी ने GPS लगाने की प्रक्रिया, बसों के सुचारू संचालन और सभी बस मालिकों को मुआवजा भुगतान की समीक्षा की।
सभी बस मालिकों को संबोधित करते हुए, जिला परिवहन अधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि झारखंड मुख्यमंत्री ग्रामीण गाड़ी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार करना और वहां के निवासियों को सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत, ग्रामीण मार्गों पर वाहन चलाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता दी जाती है।

योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना: इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों और गांवों व शहरों के बीच परिवहन सुविधाओं में सुधार करना है। निजी ऑपरेटरों को सहायता: यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने और बनाए रखने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सस्ती परिवहन सुविधा: यह योजना ग्रामीण निवासियों को सस्ती और सुलभ परिवहन विकल्प प्रदान करती है। यह योजना झारखंड सरकार के परिवहन विभाग द्वारा लागू की जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिला परिवहन अधिकारी ने लाभार्थियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी बस मालिकों को बताया कि परिवहन विभाग के अनुसार, छात्र, झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी, दिव्यांगजन और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ लेने के पात्र हैं।














