- राज्यपाल की सहमति के बाद चुनावी प्रक्रिया तेज, 27 जनवरी को अधिसूचना की संभावना
रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने नगर निकाय चुनाव कराने के प्रस्ताव को सोमवार को सहमति दे दी है। इसके बाद राज्य में नगर निगम/नगर निकाय चुनाव की राह पूरी तरह साफ हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक 27 जनवरी 2026 को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है, जबकि मतदान 25 या 26 फरवरी को कराया जा सकता है। वहीं 28 फरवरी या 1 मार्च को मतगणना कराए जाने की योजना है।
चूंकि इस बार होली 3-4 मार्च को है, ऐसे में प्रस्ताव है कि होली से पहले ही चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि त्योहार के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े।
16 जनवरी को होगी अधिकारियों की अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने 16 जनवरी को अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा होगी। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी और फिर 26 जनवरी के बाद अधिसूचना जारी करने का रास्ता खुलेगा।
नामांकन से लेकर चुनाव चिन्ह तक संभावित कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग की संभावित चुनावी रूपरेखा के अनुसार—
✅ 26 जनवरी के बाद : अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया
✅ 7 कार्य दिवस : नामांकन की अवधि
✅ 3-4 फरवरी तक : नामांकन पूरा होने की संभावना
✅ 2-3 दिन : स्क्रूटनी व नामांकन वापसी
✅ 6-7 फरवरी तक : स्क्रूटनी व नामांकन वापसी पूरी
✅ 10 फरवरी तक : प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटन
कैबिनेट से लेकर राजभवन तक पूरी हुई औपचारिकताएं
बताया जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ही सरकार को बंद लिफाफे में चुनाव कार्यक्रमों की सूची कैबिनेट स्वीकृति के लिए भेज दी थी। इसके बाद कैबिनेट ने चुनाव कार्यक्रम पर सहमति दे दी, फिर इसे राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया था—जिस पर अब मंजूरी मिल गई है।
राजनीतिक तापमान बढ़ा, मैदान तैयार
राज्यपाल की सहमति के बाद झारखंड में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजने की स्थिति बन गई है। चुनाव कार्यक्रम आधिकारिक होने के साथ ही राज्य भर में मेयर व पार्षद पदों पर दावेदारी भी तेज हो जाएगी। खासकर नगर निगम क्षेत्रों में चुनावी माहौल तेजी से गरमाने की संभावना है।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव अब अंतिम चरण की ओर बढ़ चुका है। यदि तय संभावित कार्यक्रम पर मुहर लगती है तो फरवरी के अंतिम सप्ताह में मतदान और होली से पहले नई नगर सरकार (मेयर-डिप्टी मेयर व पार्षद) बनने की तस्वीर साफ हो जाएगी।














