जमशेदपुर: सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर लंबे समय से फरार चल रहे Maxizone Touch Private Limited के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को आज सुबह धनबाद के गोमो रेलवे जंक्शन से धर दबोचा गया, जब वे तेजस राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली से भुवनेश्वर की ओर जा रहे थे।
मामला कैसे खुला?
- शिकायतकर्ता: महेश्वर बेसरा, निवासी टेल्को कॉलोनी, जमशेदपुर
- प्राथमिकी: साकची थाना कांड संख्या 74/22, दिनांक 22.04.2022
- धाराएँ: 406/420/120B/34 भा.द.वि.
शिकायत में आरोप था कि मैक्सीजोन टच प्रा. लि. के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह ने षड्यंत्र के तहत अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की। कंपनी ने इनवेस्टमेंट स्कीम के नाम पर न केवल जमशेदपुर, बल्कि पूरे भारत में सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी।

गिरफ्तार आरोपी
1. चंद्रभूषण सिंह (32 वर्ष), पिता – सत्येंद्र नारायण सिंह, निवासी – दामोदरपुर, थाना-सराय, जिला-वैशाली, बिहार
2. प्रियंका सिंह (34 वर्ष), पत्नी – चंद्रभूषण सिंह, निवासी – दामोदरपुर, थाना-सराय, जिला-वैशाली, बिहार
अपराधियों का इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड में दोनों के खिलाफ दर्ज कई मामले हैं, जिनमें ठगी, जालसाजी और साजिश शामिल हैं। प्रमुख कांड इस प्रकार हैं :
1. साकची थाना कांड सं. 184/22 (05.09.2022) – धारा 420/406/467/468/469/471/417/120B/34 भा.द.वि.
2. साकची थाना कांड सं. 79/23 (01.05.2023) – धारा 420/406/120B भा.द.वि.
3. साकची थाना कांड सं. 231/23 (19.12.2023) – धारा 420/406/120B भा.द.वि.
4. साकची थाना कांड सं. 233/23 (20.12.2023) – धारा 420/406/120B भा.द.वि.
5. साकची थाना कांड सं. 237/23 (21.12.2023) – धारा 420/406/120B भा.द.वि.
6. साकची थाना कांड सं. 68/24 (06.04.2024) – धारा 323/341/342/420/406/467/468/504/120B भा.द.वि.
7. साकची थाना कांड सं. 69/24 (06.04.2024) – धारा 323/341/342/420/406/467/468/504/120B भा.द.वि.
छापामारी दल
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी में साकची थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई। दल में शामिल थे:
- पु.नि. सह थाना प्रभारी, साकची
- पु.अ.नि. अमित कुमार सिंह
- स.अ.नि. फुलकी एक्का
- हवा0 राज कुमार
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि दोनों अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे थे और अदालत में फरार घोषित किए जा चुके थे। गुप्त सूचना पर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
ठगी का जाल और सबक
यह मामला दर्शाता है कि कैसे फर्जी निवेश कंपनियाँ आम जनता को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये ठग लेती हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी कानूनी मान्यता और प्रामाणिकता की पूरी जांच करें।
MAXIZONE TOUCH PVT LTD का इतिहास
नीचे मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड (MAXIZONE TOUCH PVT LTD) का पूर्ण इतिहास और वर्तमान हालात — जिसमें कंपनी की स्थापना, धोखाधड़ी की प्रकृति, पीड़ितों की संख्या, कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति शामिल हैं — विस्तार से प्रस्तुत किया गया है:
स्थापना व स्वरूप
मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड की पंजीकरण वर्ष 2019 में नोएडा (उत्तर प्रदेश) में हुई थी। इसका उद्देश्य ‘एकाउंटिंग और वित्तीय विश्लेषण’ सेवाएं प्रदान करना बताया गया था। संस्थापक के रूप में चंदरभूषण (चंद्रभूषण) और निदेशक के रूप में प्रियंका नाम दर्ज है। कंपनी का CIN: U52100UP2019PTC120442 है।
धोखाधड़ी, ऑफर का लालच
कंपनी ने निवेशकों को न्यूनतम ₹1 लाख निवेश करने पर 15–18% मासिक रिटर्न का आकर्षक वादा किया।
वेबसाइट पर यह दावा भी किया गया कि यह कंपनी कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दर्ज है, जिससे निवेशकों का विश्वास और भी बढ़ाया गया।
सुरक्षा की आड़
कंपनी ने जमशेदपुर, रांची, धनबाद, हैदराबाद, पटना, दिल्ली सहित लगभग 27 शहरों में अपने जाल फैलाया। ठगी का अनुमानित पैमाना ₹150 करोड़ से शुरू होकर ₹6000 करोड़ तक बताई जा रही है।
प्रचार-सम्मेलनों में हस्तियां
गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर, मनोज तिवारी जैसे फिल्मी सितारे और राजनेता प्रचार के लिए शामिल किए गए, जिससे आम जनता का विश्वास कंपनी पर और भी बढ़ा।
रिटर्न बंद होना और बचाव के बहाने
- जनवरी 2022 में निवेशकों को भुगतान बंद कर दिया गया।
- कंपनी ने केवीसी अपडेट या रूस – यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए तारीख बढ़ाई, लेकिन अंतत: अप्रैल में अचानक सभी गतिविधियां बंद कर दीं।
- ऐप और वेबसाइट भी बंद कर दिए गए; ऐप पर नोटिफ़िकेशन भी गायब हो गए।
पीड़ितों की प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई
पुलिस शिकायतें और FIR : 21 अप्रैल 2022 को एसएसपी के आदेश पर साकची थाना में FIR दर्ज हुई, जिसमें बताया गया कि जमशेदपुर से लगभग ₹150 करोड़ लेकर कंपनी भाग गयी। कई पीड़ितों ने उपायुक्त कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाई।
न्यायिक निर्णय: 13 जून 2022 को चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गयी।
ऊपभोक्ता फोरम का फैसला: फरवरी–दिसंबर 2021 के बीच ₹3 लाख निवेश करने वाले एक उपभोक्ता को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता फोरम ने ₹1.82 लाख वापस और ₹40 हजार मुआवजा देने का आदेश दिया।
सीआईडी जांच की मांग: झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि यह मामला CID द्वारा उच्च स्तरीय जांच के लिए भेजा जाएगा, साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री तक पत्र भेजने की बात कही गई।
जमीन-जायदाद की कुर्की और छापे: 7 जुलाई 2023 को चंद्रभूषण व प्रियंका के घरों पर चार स्थानों पर पुलिस छापे और कुर्की की कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत
- 9 सितम्बर 2025 को—चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह को धनबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
- FIR दर्ज, अग्रिम जमानत खारिज, कुर्की एवं उपभोक्ता फोरम के आदेश, यह स्पष्ट संकेत हैं कि मामले में गंभीर कानूनी कार्रवाई हो रही है।
मुआवजा एवं षड्यंत्रकर्ता सूची
कुछ पीड़ितों को मुआवजा दिया जाना तय हुआ है; CID जांच के आदेश संभावित परिणामों में विशेष रूप से निवेशकों को राहत प्रदान कर सकते हैं।
सारांश तालिका
| चरण | विवरण |
|---|---|
| 2019 | कंपनी की स्थापना (Noida, Chander Bhushan & Priyanka) |
| 2020–2021 | आकर्षक रिटर्न की झांसा, सेमिनार, लाइव इवेंट, बड़े स्टार |
| जनवरी 2022 | रिटर्न बंद, ऐप और वेबसाइट बंद, पारदर्शिता गायब |
| अप्रैल 2022 | FIR दर्ज, निवेशकों ने शिकायत दी, CID जांच का आश्वासन |
| 2023 | कुर्की और छापों की कार्रवाई |
| फरवरी 2025 | जिला उपभोक्ता फोरम ने मुआवजे का आदेश दिया |
| सितम्बर 2025 | दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया |








