चक्रधरपुर (जय कुमार): चक्रधरपुर प्रखंड के होयोहातु पंचायत अंतर्गत लांजी गांव में आदिवासी समाज द्वारा मागे पर्व पूरे श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। पर्व के अवसर पर गांव में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंग देखने को मिला।
मागे पर्व की शुरुआत पुजारी देउरी द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ की गई। इस दौरान मुर्गे की बलि तथा हंड़िया और रासी अपने आराध्य देव सिंहबोंगा को अर्पित की गई। इसके बाद जयरा स्थल पर मांदर और नगाड़े की थाप पर आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग पारंपरिक नृत्य करते नजर आए। पूरे गांव में उत्सव का माहौल बना रहा और हर वर्ग के लोग खुशी के साथ पर्व में शामिल हुए।
नृत्य-संगीत के बाद ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में जाकर लेटो मांडी सहित पारंपरिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। मागे पर्व ने एक बार फिर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, एकता और सामूहिक उल्लास को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एवं समाजसेवी डॉ. विजय सिंह गागराई ने ग्रामीणों को मागे पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज की परंपरा और रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। समाज को संगठित होकर अपनी संस्कृति को सहेजना होगा, तभी आने वाली युवा पीढ़ी को सही दिशा दी जा सकेगी।
इस अवसर पर गांव के गोविंद हसदा, कृष्णा हसदा, सोंगा हसदा, रामचंद्र दिग्गी, मरकुश गागराई, रामराई समाड, कुशाल गागराई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने मिलकर पारंपरिक उल्लास के साथ मागे पर्व को यादगार बनाया।














