जमशेदपुर, बागबेड़ा। भारतीय थल सेना में कार्यरत हवलदार रूपेश कुमार के साथ बागबेड़ा में हुआ जमीन विवाद का झगड़ा चर्चा का विषय बन गया है। हवलदार रूपेश कुमार वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं और छुट्टी पर अपने घर बागबेड़ा आए हुए थे। इस दौरान वे अपने रजिस्ट्रीकृत प्लॉट पर गृह निर्माण कार्य करवा रहे थे, लेकिन इसी बीच कुछ स्थानीय पड़ोसियों से विवाद हो गया।
सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान निर्माण कार्य में बाधा, सामग्री की तोड़फोड़, और कुछ निर्माण सामग्रियों को जबरन उठाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि सैनिक समाज में भी गहरी चिंता का विषय बन गया है।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद का हस्तक्षेप
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए कार्यरत सैनिक रूपेश कुमार से फोन पर संपर्क किया और पूरी स्थिति की जानकारी ली। परिषद ने सैनिक को आश्वस्त किया कि संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
संगठन के निर्णय अनुसार, कल सुबह 11 बजे जमशेदपुर मिलिट्री स्टेशन में बैठक बुलाई गई है, जिसमें रूपेश कुमार भी उपस्थित रहेंगे। परिषद ने यह भी बताया कि घटना की जानकारी सेना के वरीय अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
परिषद के सदस्यों ने कहा — “सैनिकों का अपमान बर्दाश्त नहीं”
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक” बताया। उनका कहना है कि जो सैनिक देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करते हैं, अगर उन्हें अपने ही घर में इस तरह के अपमानजनक हालात झेलने पड़ें, तो यह समाज के लिए गंभीर संदेश है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
आज हुई आकस्मिक बैठक में सुशील कुमार सिंह, दिनेश सिंह, डॉ. कमल शुक्ला, विजेंद्र सिंह, हरेंदु शर्मा, विजय त्रिपाठी, विवेक सिंह, अमित कुमार, अजय केसरी, बृजमोहन, राजीव रंजन, अशोक श्रीवास्तव, विद्यानंद गिरी, प्रमोद कुमार, तरुण कुमार तिवारी, राजीव रंजन, सतेंद्र सिंह, हंसराज सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एकमत से सैनिक के समर्थन में खड़े रहने का संकल्प लिया।
बागबेड़ा में कार्यरत सैनिक के साथ हुआ यह विवाद प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक गंभीर संकेत है। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने स्पष्ट कहा है कि वे इस मामले को शांतिपूर्वक, लेकिन सख्त तरीके से आगे बढ़ाएंगे ताकि सैनिक और उसके परिवार को न्याय मिल सके।











