श्रीनगर । अनंतनाग में संगठित अपराध से जुड़े 3 आरोपियों की जमानत याचिका को प्रिंसिपल सेशंस जज ने गुरुवार को खारिज कर दिया। अदालत का यह फैसला ज़िले में सक्रिय अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई को और मजबूती देता है।
किन आरोपियों की याचिका खारिज हुई?
खारिज हुई जमानत याचिका तीन आरोपियों की थी—
- मोहम्मद इक़बाल वानी, पिता मोहम्मद सिकंदर वानी, निवासी वोइबोमंडोरा कोकरनाग
- तसद्दुक हुसैन डार, पिता अब्दुल गनी डार, निवासी सदूरा अनंतनाग
- मुईब अहमद कोका, पिता ग़ुलाम मोहिउद्दीन कोका, निवासी शंकरपोरा अनंतनाग
इन तीनों के खिलाफ एफआईआर संख्या 126/2025 दर्ज है, जिन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में संगठित अपराध (धारा 111) सहित गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अदालत का रुख
अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और संगठित अपराध समाज पर व्यापक नकारात्मक असर डालते हैं। ऐसे मामलों में नरमी बरतना कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा साबित हो सकता है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
अनंतनाग पुलिस ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा—
“यह फैसला अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ हमारी मुहिम को मजबूत करता है और अपराधी नेटवर्क को कड़ा संदेश देता है। जिला पुलिस अनंतनाग संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और जांच आगे भी जारी रहेगी ताकि हर दोषी को कानून के कटघरे तक पहुंचाया जा सके।”
यह मामला न सिर्फ अनंतनाग बल्कि पूरे कश्मीर घाटी में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कड़ी कार्रवाई का संकेत देता है। अदालत के इस फैसले से अपराधियों में भय और कानून पर विश्वास मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।











