महिला फुटबॉल को नई दिशा देने की पहल 🏆⚽
बिस्टुपुर, जमशेदपुर | झारखंड में महिला फुटबॉल को सशक्त और संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “विमेन्स फुटबॉल फेडरेशन ऑफ झारखंड” की पहली औपचारिक बैठक सोमवार की शाम बिस्टुपुर स्थित राममंदिर परिसर में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ शाम 6 बजे हुआ, जिसमें महिला फुटबॉल के आगामी टूर्नामेंट, खिलाड़ियों की तैयारी और संगठन के विस्तार पर गहन चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलेश गिरी ने की। उन्होंने कहा —
“वुमेन्स फुटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मुकेश शर्मा जी के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम को गति दी जा रही है। केंद्रीय कमिटी के मार्गदर्शन में झारखंड राज्य में इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्य संघर्षरत हैं। सबके सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हो, यही हमारी कामना है।”
फाइनेंस कमिटी के चेयरमैन श्री अवतार गांधी ने बताया कि आने वाले दिनों में झारखंड में राज्यस्तरीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में महिला फुटबॉल की पहुंच बने और वित्तीय संसाधनों के माध्यम से खेल का आधार मजबूत किया जाए।”
डेवलपमेंट कमिटी के चेयरमैन श्री अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि “हम झारखंड के प्रत्येक प्रखंड स्तर पर महिला फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर शुरू करने की दिशा में योजना बना रहे हैं। खेल सुविधाओं का विस्तार ही खेल प्रतिभा को उभारने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
इस बैठक में समाज के कई प्रबुद्ध वर्ग के लोग भी शामिल हुए।
मातृ शक्ति इंद्रजीत कौर ने कहा कि “महिलाओं के खेल में आगे बढ़ने से समाज में समानता और आत्मविश्वास का संदेश जाता है।”
मधु रॉय ने कहा कि “यह पहल बेटियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी और झारखंड की पहचान खेल के क्षेत्र में और सशक्त बनेगी।”
कृष्णा पांडेय ने कहा कि “महिला फुटबॉल का प्रसार गांव-गांव तक करना ही हमारा अगला लक्ष्य होगा।”
देव कुमार गिरी ने कहा कि “खेल समाज को जोड़ने का माध्यम है, और झारखंड की बेटियां इसमें अग्रणी भूमिका निभाएंगी।”
सुनील कुमार साहनी ने कहा कि “फुटबॉल जैसे खेल से अनुशासन, टीमवर्क और आत्मबल बढ़ता है, इसे हर स्कूल और कॉलेज तक पहुंचाना चाहिए।”
बैठक में महिला खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया, और आयोजन स्थलों की पहचान पर भी चर्चा की गई। सभी सदस्यों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि झारखंड की बेटियों को खेल के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी।
यह बैठक झारखंड में महिला फुटबॉल के लिए एक नई शुरुआत साबित होगी — जो न केवल खेल भावना को सशक्त बनाएगी बल्कि राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और प्रेरक बनाएगी।













