Jharkhand Municipal Corporation Elections 2026: झारखंड में नगर निगम चुनाव के लिए मुख्य नियम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 पर आधारित हैं। उम्मीदवारों को न्यूनतम आयु, मतदाता सूची में नाम और अन्य पात्रताएं पूरी करनी होंगी। नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक दाखिल हो सकता है।
झारखंड नगर निगम चुनाव 2026: प्रत्याशियों के लिए पूर्ण गाइड
जमशेदपुर, 28 जनवरी 2026: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित झारखंड के 48 नगर निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया कल 29 जनवरी से शुरू हो रही है। 23 फरवरी को एक ही चरण में मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होगी। आयोग ने उम्मीदवारों के लिए सख्त नियम जारी किए हैं, जिनमें पात्रता, दस्तावेज और खर्च सीमा शामिल हैं।
मुख्य पात्रता नियम
नगर निगम पार्षद पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और मेयर के लिए 30 वर्ष आवश्यक है। उम्मीदवार का नाम 2024 विधानसभा मतदाता सूची में होना चाहिए। दो से अधिक बच्चे (9 फरवरी 2013 के बाद जन्मे) वाले अयोग्य; सभी बकाया कर चुकाने होंगे। आरक्षित सीटों (SC/ST/BC/महिला) पर वही कैटेगरी के उम्मीदवार लड़ सकेंगे, जिसमें झारखंड सरकार का जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज व जमा राशि
नामांकन पत्र, शपथ पत्र (आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति, शिक्षा सहित), दो प्रस्तावक (उसी वार्ड के मतदाता), आधार/वोटर ID। पार्षद के लिए सामान्य/OBC: ₹5,000, SC/ST/महिला: ₹2,500। मेयर वर्ग-क (रांची/धनबाद): सामान्य ₹25,000, आरक्षित ₹12,500। नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक दाखिल करें; जांच 5 फरवरी को।
नामांकन रद्द होने से बचाव
अधूरे शपथ पत्र, गलत प्रस्तावक या दस्तावेज कमी से नामांकन रद्द होता है। RO का फैसला अंतिम; अपील सीमित। चुनाव के बाद ही हाईकोर्ट में याचिका। खर्च सीमा पार्षद ₹5 लाख, मेयर ₹15-25 लाख; उल्लंघन पर अयोग्यता।
प्रत्याशियों के लिए सुझाव
दस्तावेज पहले सत्यापित करें, केवल 3 वाहन/5 समर्थक नामांकन पर ले जाएं। आचार संहिता का पालन करें। जिला निर्वाचन कार्यालय या sec.jharkhand.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें। विशेषज्ञों का कहना है कि समयबद्ध तैयारी से सफलता निश्चित है।
मुख्य नियम
- उम्मीदवार का नाम संबंधित नगर निगम की मतदाता सूची (झारखंड विधानसभा 2024 वाली) में होना जरूरी; पार्षद के लिए 21 वर्ष, मेयर के लिए 30 वर्ष न्यूनतम आयु।
- दो से अधिक बच्चे (9 फरवरी 2013 के बाद जन्मे) वाले अयोग्य; नगर निगम के सभी बकाया कर चुकाए होने चाहिए।
- आरक्षित सीट (SC/ST/BC/महिला) पर वही कैटेगरी का उम्मीदवार, झारखंड सरकार का जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य।
- एक पार्षद पद के लिए एक वार्ड, लेकिन मेयर पद के साथ लड़ सकते हैं; खर्च सीमा पार्षद के लिए 5 लाख, मेयर के लिए 15-25 लाख।
आवश्यक दस्तावेज
- नामांकन पत्र (राज्य निर्वाचन आयोग फॉर्म), शपथ पत्र (आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति, देनदारियां, शिक्षा विवरण सहित)।
- जाति/आरक्षण प्रमाण पत्र (DM/अनुमंडल द्वारा जारी), जमा राशि (सामान्य/आरक्षित के लिए अलग), दो प्रस्तावक/समर्थक (उसी वार्ड के मतदाता)।
- पहचान प्रमाण जैसे आधार, वोटर ID; झूठा शपथ पत्र पर 1 साल कैद या जुर्माना।
फॉर्म भरने की प्रक्रिया
नामांकन पत्र में उम्मीदवार का नाम, पता, पिता/पति का नाम, मतदाता सूची सीरियल नंबर भरें; प्रस्तावक/समर्थक के विवरण और हस्ताक्षर अनिवार्य।
शपथ पत्र में पारिवारिक स्थिति (बच्चों की संख्या, जन्म तिथि), संपत्ति/देनदारियां, आपराधिक केस, शिक्षा का खुलासा करें।
फॉर्म रिटर्निंग ऑफिसर को व्यक्तिगत/एजेंट से जमा करें; जांच 5 फरवरी को, वापसी 6 फरवरी तक। जिला निर्वाचन कार्यालय या sec.jharkhand.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें।
झारखंड नगर निगम चुनाव में नामांकन रद्द होने के मुख्य कारण दस्तावेजों की कमी या तकनीकी चूक होते हैं। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा 5 फरवरी 2026 को होने वाली जांच में ये खामियां पकड़ी जाती हैं।
नामांकन रद्द होने के मुख्य कारण?
- नामांकन पत्र पर उम्मीदवार या प्रस्तावकों (2 जरूरी) के हस्ताक्षर/अंगूठा अनुपस्थित, या प्रस्तावक उसी वार्ड के मतदाता न हों। (नियम स्थान / समय के अनुसार बदलते रहते हैं।)
- शपथ पत्र अधूरा (बच्चों की संख्या, संपत्ति, आपराधिक रिकॉर्ड, शिक्षा विवरण के कॉलम खाली) या गलत जानकारी।
- जाति प्रमाण पत्र, जमानत राशि, या मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति न जमा करना; आरक्षित सीट पर गलत कैटेगरी।
अन्य सामान्य त्रुटियां
- पात्रता उल्लंघन जैसे दो से अधिक बच्चे, बकाया कर, या आयु/मतदाता सूची में नाम न होना।
- समय पर दस्तावेज जमा न करना या सुधार न कर पाना; छोटी वर्तनी त्रुटि क्षम्य, लेकिन प्रक्रिया चूक पर सीधे रद्द।
- जांच के दौरान आपत्ति मान्य होने पर अंतिम फैसला; अपील का विकल्प सीमित।
नामांकन रद्द होने पर अपील कैसे करें
झारखंड नगर निगम चुनाव में नामांकन रद्द होने पर तत्काल अपील का कोई प्रावधान नहीं है। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला अंतिम होता है, और जांच के बाद सुधार या अपील नहीं हो सकती। चुनाव परिणाम के बाद ही उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दाखिल की जा सकती है।
अपील प्रक्रिया
- नामांकन जांच (5 फरवरी 2026) के दौरान मौके पर आपत्ति दर्ज कराएं, लेकिन RO का निर्णय तुरंत लागू; कोई स्थगन नहीं।
- नाम वापसी (6 फरवरी तक) का विकल्प अगर रद्द न हो; उसके बाद चुनाव लड़ना असंभव।
- चुनाव याचिका: परिणाम घोषणा के 45 दिनों में संबंधित जिला न्यायालय या हाईकोर्ट में दाखिल करें; आधार गलत नामांकन रद्द या अयोग्यता।
महत्वपूर्ण टिप्स
- नामांकन दाखिल से पहले सभी दस्तावेज जांच लें, जैसे शपथ पत्र के सभी कॉलम भरे हों।
- रद्द होने पर नया नामांकन संभव नहीं; पार्टी दूसरे उम्मीदवार उतार सकती है।
- कानूनी सलाह लें, क्योंकि याचिका सफल होने पर विजेता का चुनाव रद्द हो सकता है।
इस चुनाव के लिए कितनी डिपॉज़िट राशि की ज़रूरत है?
झारखंड नगर निगम चुनाव 2026 में जमानत राशि (security deposit) पद और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित है। यह राशि नामांकन पत्र के साथ रिटर्निंग ऑफिसर को डिमांड ड्राफ्ट या नकद में जमा करनी होती है।
पार्षद पद (Councillor)
- सामान्य/OBC: ₹5,000
- SC/ST/महिला: ₹2,500
- नाम वापसी या हार पर जब्त; जीत पर लौटाई जाती है।
मेयर पद (Mayor)
- वर्ग-क (रांची, धनबाद जैसे बड़े निगम): सामान्य/OBC – ₹25,000; SC/ST/महिला – ₹12,500
- वर्ग-ख (अन्य निगम): सामान्य/OBC – ₹15,000; SC/ST/महिला – ₹7,500
- वर्ग-ग/छोटे निकाय: ₹10,000/₹5,000 (आरक्षित के लिए आधी)
जमा नियम
- नामांकन के समय अनिवार्य, अन्यथा रद्द; वोट प्रतिशत कम होने पर भी जब्त हो सकती है।
- डिमांड ड्राफ्ट राज्य निर्वाचन आयोग के पक्ष में; रिफंड के लिए आवेदन आवश्यक।
आचार संहिता के मुख्य बिंदु
झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 में आचार संहिता 27 जनवरी को लागू हो चुकी है और 27 फरवरी (मतगणना) तक प्रभावी रहेगी। यह उम्मीदवारों, दलों और अधिकारियों के लिए बाध्यकारी है, जिसका उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है।
उम्मीदवारों के लिए प्रतिबंध
- नामांकन के समय अधिकतम 3 वाहन और 5 समर्थक; प्रचार सामग्री पर नाम/फोटो सीमित। जाति, धर्म, क्षेत्र आधारित अपील न करें।
- सरकारी भवनों/संपत्ति पर पोस्टर/बैनर न लगाएं; धन-बल या वोटर को लुभाने वाली योजनाओं का प्रचार न करें।
- खर्च डायरी अनिवार्य; निर्धारित सीमा से अधिक पर अयोग्यता। सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता लागू।
सरकारी प्रतिबंध
- नई लोकलुभावन योजनाएं शुरू न करें, विकास कार्य रुकें या सूचीबद्ध हों। सरकारी मशीनरी का पार्टी प्रचार में दुरुपयोग न हो।
- ट्रांसफर/नियुक्तियां प्रतिबंधित; आपातकालीन को छोड़कर। मतदाता सूची संशोधन सीमित।
मतदान दिवस नियम
- मतदान केंद्र पर मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न ले जाएं। प्रचार सामग्री हटाएं। शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें।
ध्यान दें: हम किसी भी सुचना का समर्थन नहीं करते, नियम- समय / स्थान पर बदल सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए झारखण्ड चुनाव आयोग / समिति के आधिकारिक वेबसाइट / गजट पर जाये या देखें।













