Jamshedpur Crime: उद्यमी कैरव गांधी अपहरण केस का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 6 प्रमुख अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें बिहार के कुख्यात ‘सिंह साहब गिरोह’ के सदस्य गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान आलम, रमीज राजा आदि शामिल थे। गिरफ्तारियों के दौरान घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, 2 देशी कट्टे, 4 जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन बरामद हुए। बाद में अतिरिक्त हथियार जैसे 3 पिस्टल और खोखे भी मिले। बिहार के टेकारी गांव में गुड्डू सिंह के घर से 56 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।
पुलिस जांच का आरंभ
SSP पीयूष पांडेय ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। टीमें झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में छापेमारी शुरू कीं। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से अपराधियों की पहचान की। बिहार के ‘सिंह साहब गिरोह’ पर शक हुआ।
बरामदगी की प्रक्रिया
लगातार दबाव से अपराधी घबरा गए। 26-27 जनवरी की रात हजारीबाग के बरही-चौपारण रोड पर उन्होंने कैरव को सड़क किनारे छोड़ फरार हो गए। विश्वसनीय टिप्स पर निगरानी बढ़ाने से पुलिस ने सुबह-सुबह उन्हें सकुशल बरामद किया। SSP और सिटी SP स्वयं घर पहुंचाया।
गिरफ्तारियां और मुठभेड़
अपराधियों की ट्रैकिंग से 6 को गिरफ्तार किया, जिसमें गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान, रमीज राजा प्रमुख। 29 जनवरी को सोनारी साईं मंदिर पर हथियार बरामदगी में फायरिंग हुई। अपराधियों ने पुलिस हथियार छीन लिया, जवाबी कार्रवाई में 3 घायल। 2 देशी कट्टे, 4 गोलियां, स्कॉर्पियो, पिस्टल बरामद।

जांच के मुख्य बिंदु
इंडोनेशियाई नंबर से फिरौती कॉल आई। लोकल लिंक जांचे गए। कैरव से कोई मारपीट नहीं हुई। गिरोह का नेटवर्क उजागर, कुल 7-8 गिरफ्तार। पुलिस दावा: दबाव से अपराधी टूटे।
जमशेदपुर कैरव गांधी अपहरण: पूरा मामला
13 जनवरी 2026 को झारखंड के जमशेदपुर शहर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में सीएच एरिया के निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण हो गया। उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र कैरव (उम्र लगभग 24 वर्ष) शाम के समय अपने घर से निकले थे, लेकिन अचानक लापता हो गए। परिजनों ने तुरंत बिष्टुपुर थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया।
पुलिस की तत्परता और बरामदगी
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडेय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। लगभग 14 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद, 27 जनवरी को बिहार के हजारीबाग जिले के बरही-चौपारण क्षेत्र में कैरव को सकुशल बरामद कर लिया गया। अपराधियों ने उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया था, जहां पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें मुक्त कराया। पुलिस ने शहर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व वाली टीम की सराहना की।
गिरफ्तारियां और बरामद हथियार
अपराध का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 6 प्रमुख अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें बिहार के कुख्यात ‘सिंह साहब गिरोह’ के सदस्य गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान आलम, रमीज राजा आदि शामिल थे। गिरफ्तारियों के दौरान घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, 2 देशी कट्टे, 4 जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन बरामद हुए। बाद में अतिरिक्त हथियार जैसे 3 पिस्टल और खोखे भी मिले। बिहार के टेकारी गांव में गुड्डू सिंह के घर से 56 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।
मुठभेड़ और जांच
29 जनवरी को सोनारी साईं मंदिर के पास हथियार बरामदगी के दौरान तीनों प्रमुख आरोपी पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगे। उन्होंने थानेदार आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कार्बाइन छीन ली। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें गुड्डू सिंह, इमरान और रमीज के पैर में गोली लगी। घायलों को MGM अस्पताल में भर्ती किया गया। पुलिस इनके नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें इंडोनेशियाई नंबर से फिरौती की कॉल जैसे खुलासे हुए।
अपराधियों का बैकग्राउंड
ये अपराधी बिहार-झारखंड बॉर्डर पर सक्रिय थे, पहले भी अपहरण व फिरौती के मामलों में वांछित। गिरोह ने कैरव को दो राज्यों में घुमाया। पुलिस का दावा है कि दबिश से घबरा कर अपराधी भागे। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मामले की समीक्षा की। शहर में अपराध पर लगाम लगाने को यह कार्रवाई मील का पत्थर मानी जा रही है।













