जमशेदपुर: वेदांत कंपनी के अधिग्रहण के बावजूद शहर में स्थित पुराने केबल कंपनी परिसर में देशभक्ति की भावना अब भी जीवित है। शुक्रवार को परिसर में 25 साल बाद पहली बार झंडोतोलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि किसी भी कॉर्पोरेट अधिग्रहण के बावजूद लोगों में अपने पूर्व परिसर और राष्ट्र के प्रति सम्मान और प्यार अभी भी उतना ही प्रबल है।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज के फहराने और सभी उपस्थितों द्वारा राष्ट्रगान गाने से हुई। समारोह में शामिल कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने इस पल को बहुत भावुकता और गर्व के साथ मनाया। कई वरिष्ठ कर्मचारी और पूर्व कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जिन्होंने 25 साल पुरानी यादों को साझा किया और कहा कि परिसर का यह झंडोतोलन उन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वेदांत के प्रबंधन ने भी इस आयोजन में सहयोग प्रदान किया और कर्मचारियों की भागीदारी की सराहना की। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि भले ही परिसर का मालिकाना हक बदल गया हो, परंपराओं और देशभक्ति की भावना को हमेशा बनाए रखा जाए। आज का झंडोतोलन इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने परिसर की सफाई, सजावट और झंडे की स्थापना में सक्रिय भागीदारी दिखाई। परिसर में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि यह परिसर उनके जीवन के शुरुआती करियर का हिस्सा रहा है और 25 वर्षों के बाद इसे फिर से इस तरह सजाए देखना उनके लिए गर्व का क्षण है।
झंडोतोलन समारोह के बाद छोटे-छोटे भाषणों और अनुभव साझा करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पुराने समय की यादें ताजा कीं और इस परिसर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह झंडोतोलन केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह कर्मचारियों, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।
इस अवसर पर परिसर में सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। बच्चों और युवाओं ने भी समारोह में भाग लिया और उन्हें देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की शिक्षा दी गई। कई युवाओं ने कहा कि वे इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर अपने जीवन में भी ऐसी पारंपरिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
समारोह के अंत में सभी ने एक साथ राष्ट्रीय गीत गाया और उपस्थित लोगों ने इस पल का जश्न मनाया। यह आयोजन यह संदेश देने के लिए काफी था कि देशभक्ति और सम्मान की भावना किसी अधिग्रहण, परिवर्तन या समय के साथ भी समाप्त नहीं होती। वेदांत के अधिग्रहण के बाद भी इस परिसर में यह झंडोतोलन एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण के रूप में दर्ज हुआ।
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि चाहे कॉर्पोरेट बदलाव हो या नई व्यवस्थाएँ लागू हों, लेकिन पुराने परंपरागत और राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाना हर नागरिक और कर्मचारी की जिम्मेदारी है









