जमशेदजी नुसरवानजी टाटा आधुनिक भारत के औद्योगिक विकास के महान शिल्पकार माने जाते हैं। 1839 में जन्मे जमशेदजी ने 1868 में टाटा समूह की स्थापना की और देश में आधुनिक उद्योगों की नींव रखी। उन्होंने नागपुर में एम्प्रेस मिल (1877) के माध्यम से कपड़ा उद्योग में क्रांति लाई तथा भारत में स्टील उद्योग का सपना देखा, जिसके परिणामस्वरूप 1907 में टाटा स्टील अस्तित्व में आया और जमशेदपुर विकसित हुआ।
उनका एक बड़ा सपना विश्वस्तरीय वैज्ञानिक शोध संस्थान बनाना था, जो आगे चलकर IISc बेंगलुरु के रूप में साकार हुआ। साथ ही, उन्होंने भारत का पहला लग्ज़री होटल—मुम्बई का ताज महल होटल—1903 में बनवाया। वे श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुधार के बड़े समर्थक थे।
दूसरी ओर, जे.आर.डी. टाटा, जो टाटा परिवार की दूसरी पीढ़ी के महान व्यक्तित्व थे, भारत के पहले लाइसेंस प्राप्त पायलट बने और 1932 में भारत की पहली वाणिज्यिक विमान सेवा टाटा एयरलाइंस शुरू की, जो बाद में एयर इंडिया बनी। नागरिक उड्डयन में उनके योगदानों के लिए उन्हें पद्म विभूषण, भारत रत्न और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
1904 में जमशेदजी का निधन हो गया, पर उनके दूरदर्शी विचारों पर टाटा समूह आज भी मजबूती से खड़ा है। वे केवल उद्योगपति नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के निर्माता थे।
वरुण कुमार
NTTF प्रशासन अधिकारी













