जमशेदपुर:-आज 25 जनवरी को शहर के एशियन इन होटल में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, झारखंड की ओर से पब्लिक रिलेशन (र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारा, सद्भावना मंच और गंगा-जमुनी तहज़ीब को मज़बूत करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आई. करीमुल्लाह साहब ने अपने संबोधन में पुराने भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते दौर में हमें अपने मोहल्लों, गलियों और समाज के हर वर्ग के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने सामाजिक एकता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन से हुई। इसके बाद ज़फर इमाम साहब ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आज के समय में पब्लिक रिलेशन की आवश्यकता, उसकी उपयोगिता और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला।
रामगढ़ से आए असद बारी साहब ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर साजिद साहब, संपर्क-ए-आम सचिव (झारखंड) ने जमाअत-ए-इस्लामी हिंद का परिचय देते हुए संगठन द्वारा शिक्षा, समाज सेवा, सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि श्री आई. करीमुल्लाह साहब ने माइक्रो फाइनेंस, चेंबर ऑफ कॉमर्स, जीआईओ, एसआईओ, आईटा, पीआरओ, एपीसीआर सहित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम को अत्यंत सार्थक बताया।
तौहीदुल हसन, अमीर मकाम (जमशेदपुर) ने कहा कि इस सफल आयोजन में शाहिद अख्तर और हैदर इमाम साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में रविंद्र कुमार, मंथन, सतेंद्र सिंह, रियाज़ शरीफ, सुनील बर्नवाल, भोमा पाजी, प्रो. फ़ख़रुद्दीन, प्रो. ज़की अख्तर, जवादुल हसन, एन. कुमार, कांग्रेस नेता रियाज़ ख़ान, अल-मनार सोशल सर्विस के ख़लील अंसारी, आबिद हुसैन, हसन इमाम मलिक, तनवीर अख्तर रोमानी सहित जमशेदपुर के अनेक बुद्धिजीवी, एनजीओ प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सामाजिक और संवाद आधारित कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए, क्योंकि आज के समय में समाज को जोड़ने और आपसी समझ को बढ़ाने की यही सबसे बड़ी ज़रूरत है













