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IPTA ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, नई शिक्षा नीति को सुदृढ़ करने की मांग

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On: January 16, 2026 9:08 PM
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  • आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर प्रशासन से की पहल

जमशेदपुर | पूर्वी सिंहभूम : भारतीय गैर सरकारी शिक्षक सह सामाजिक संस्था (IPTA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद मोदी जी ने जिला पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी से मुलाकात कर नई शिक्षा नीति (NEP) को ज़मीनी स्तर पर सुदृढ़ करने तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करते हुए भारत को विकसित देश बनाने के उद्देश्य से एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में क्या कहा गया?

IPTA द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से यह मांग और सुझाव रखे गए कि—

नई शिक्षा नीति को जिले के प्रत्येक विद्यालय व शैक्षणिक संस्थान में प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार, शिक्षक प्रशिक्षण, संसाधन उपलब्धता और आधुनिक शिक्षा मॉडल को प्राथमिकता मिले।
✅ विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास (Skill Development), रोजगारपरक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जाए।
✅ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में भी शिक्षा की समता और पहुंच सुनिश्चित की जाए ताकि हर वर्ग को समान अवसर मिले।

“विकसित भारत” के लिए शिक्षा को मजबूत करना जरूरी

डॉ. परमानंद मोदी जी ने कहा कि—

“यदि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है तो शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। नई शिक्षा नीति का सही क्रियान्वयन ही आने वाली पीढ़ी को सक्षम, स्वावलंबी और राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र की प्रगति संभव है, इसलिए प्रशासन व समाज को मिलकर नई नीति की दिशा में ठोस कार्य करना होगा।

उपायुक्त ने आश्वासन दिया

इस अवसर पर उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति से जुड़े बिंदुओं पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उचित कार्रवाई की जाएगी तथा जिले में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशेष बिंदु

🔸 IPTA ने शिक्षा सुधार को लेकर प्रशासन से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
🔸 ज्ञापन का उद्देश्य नई शिक्षा नीति को प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामदायी बनाना रहा।
🔸 IPTA ने शिक्षा को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया।

नई शिक्षा नीति केवल एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश के भविष्य की रूपरेखा है। IPTA का यह कदम संकेत देता है कि समाज के जागरूक संगठन शिक्षा सुधार और राष्ट्र निर्माण के मुद्दों को लेकर नीतिगत स्तर पर भी सक्रिय हो रहे हैं। यदि प्रशासन, शिक्षाविद, संगठन और समाज मिलकर नई नीति को सही रूप में लागू करें, तो निश्चित रूप से भारत का “विकसित राष्ट्र” बनने का सपना मजबूत होगा।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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