- ग्रामीण व वंचित समुदायों के लिए मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग सेवा की शुरुआत
जमशेदपुर | 15 दिसंबर 2025
Tata Steel Foundation : ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में कैंसर की समय पर पहचान और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी (JCS) के साथ मिलकर मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी के अस्पताल मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (MTMH) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कलिंगानगर, मेरामंडली और पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण व वंचित समुदायों तक शुरुआती कैंसर जांच और उपचार सेवाएं पहुँचाना है।
एमओयू पर हस्ताक्षर, मोबाइल यूनिट को हरी झंडी
इस पहल की औपचारिक शुरुआत टाटा स्टील फाउंडेशन और जमशेदपुर कैंसर सोसाइटी के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान के साथ हुई। इस अवसर पर मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट (mCSU) को श्रीमती डी.बी. सैलाजा रामम, चेयरपर्सन, लेडीज़ कमेटी, MTMH द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर डी.बी. सुंदरा रामम (निदेशक, टाटा स्टील फाउंडेशन एवं चेयरमैन, MTMH), डॉ. सुजाता मित्रा (वाइस चेयरमैन, MTMH), डॉ. कोशी वर्गीज़ (निदेशक, MTMH), सौरव रॉय (सीईओ, टाटा स्टील फाउंडेशन) सहित टाटा स्टील, MTMH, रोटरी और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

2025 से 2028 तक चलेगा कार्यक्रम
यह मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग पहल दिसंबर 2025 से मार्च 2028 तक संचालित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत समुदाय जागरूकता, स्क्रीनिंग, पुष्टि निदान (कन्फर्मेटरी डायग्नोसिस) और उपचार से जोड़ने तक की संपूर्ण कैंसर देखभाल सुविधा प्रदान की जाएगी।
Tata Steel Foundation द्वारा इन कैंसर पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यक्रम में विशेष रूप से मुंह (ओरल), स्तन (ब्रेस्ट) और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की जांच की जाएगी, जो भारत में रोके जा सकने वाले कैंसर मामलों और मृत्यु दर में बड़ा योगदान देते हैं।
हर महीने लगेंगे मोबाइल स्क्रीनिंग कैंप
तीनों क्षेत्रों में प्रत्येक माह मोबाइल स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे।
- प्रत्येक कैंप 4.5 दिनों तक चलेगा (सोमवार से गुरुवार पूर्ण दिवस और शुक्रवार आधा दिन)।
- प्रति कैंप लगभग 90 मैमोग्राफी, 65 पैप स्मियर जांच, और 135 ओरल कैंसर जांच की जाएगी।
इसके साथ ही कैंसर जागरूकता और प्राथमिक रोकथाम सत्र भी आयोजित होंगे, जिनमें जोखिम कारक, शुरुआती लक्षण और समय पर इलाज के महत्व पर जानकारी दी जाएगी।
स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों का होगा प्रशिक्षण
इस पहल का एक अहम हिस्सा स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता निर्माण है।
MTMH में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे चलकर आशा कार्यकर्ताओं और फ्रंटलाइन हेल्थ स्टाफ को प्रशिक्षण देंगे। इससे जमीनी स्तर पर स्क्रीनिंग और रेफरल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा
फाउंडेशन द्वारा ब्लॉक और जिला स्वास्थ्य कार्यालयों के साथ समन्वय कर समुदायों को जोड़ा जाएगा। जिन लोगों की स्क्रीनिंग रिपोर्ट सकारात्मक आएगी, उन्हें MTMH में पुष्टि जांच के लिए रेफर किया जाएगा। निदान होने पर मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़कर उपचार में सहयोग दिया जाएगा।
क्या बोले Tata Steel Foundation के अधिकारी
टाटा स्टील फाउंडेशन के निदेशक डी.बी. सुंदरा रामम ने कहा,
“विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट अत्याधुनिक जांच सुविधाओं को उन लोगों तक ले जाने का सशक्त माध्यम है, जिनके लिए दूर-दराज यात्रा करना कठिन होता है।”
वहीं, सीईओ सौरव रॉय ने कहा,
“यह पहल इस बात का उदाहरण है कि जमशेदपुर एक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण मॉडल सिटी बन सकता है, जहां सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सभी मिलकर काम करें।”
ग्रामीण स्वास्थ्य में बड़ा कदम
कैंसर स्क्रीनिंग को विकेंद्रीकृत कर और रेफरल व्यवस्था को सशक्त बनाकर यह पहल ओडिशा और झारखंड के ग्रामीण व कमजोर वर्गों में कैंसर देखभाल की खाई को पाटने, समय पर पहचान बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।














