नई दिल्ली | 18 नवंबर 2025
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी न केवल मजबूत और स्थिर है, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में इसका विस्तार भी हो रहा है। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की चिंता को खारिज करते हुए इसे लोकतंत्र और साझा विकास के विजन पर टिकी दोस्ती बताया।
‘निर्बल पांच’ से शीर्ष पांच तक का सफर
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत ने एक लंबी छलांग लगाई है। देश अब ‘निर्बल पांच’ (Fragile Five) की श्रेणी से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
श्री गोयल ने भविष्यवाणी की कि 2027 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने इसका श्रेय मजबूत बैंकिंग प्रणाली, कम मुद्रास्फीति, नियंत्रित राजकोषीय घाटे और जीएसटी जैसे ऐतिहासिक सुधारों को दिया।
घरेलू हितों से समझौता नहीं
व्यापार वार्ताओं पर बोलते हुए, श्री गोयल ने एक महत्वपूर्ण बिंदु रखा। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानता है और दोनों देश व्यापार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू हितधारकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
श्री गोयल ने कहा, “व्यापार वार्ता निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए। भारत को अपने किसानों, मछुआरों, लघु उद्योगों (MSMEs) और व्यवसायों की संवेदनशीलता को संतुलित करते हुए अपने हितों की रक्षा करनी होगी।”
2047 का विजन: 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री के विजन को दोहराते हुए, वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं है, बल्कि विकास का एक मॉडल है।
- विकास दर: वर्तमान गति के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था हर आठ साल में दोगुनी हो रही है।
- लक्ष्य: 2047 तक भारत का लक्ष्य 30-35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
- बुनियादी सुविधाएं: पिछले दशक में 4 करोड़ निर्धन परिवारों को घर मिले हैं, और 2 करोड़ अतिरिक्त आवास बनाने की योजना है।
इनोवेशन और युवा शक्ति
भारत की युवा शक्ति (औसत आयु 28.4 वर्ष) को विकास का इंजन बताते हुए उन्होंने कहा कि देश हर साल 24 लाख STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) स्नातक तैयार कर रहा है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और उन्नत तकनीकों में अमेरिकी कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- साझेदारी: भारत-अमेरिका संबंध मजबूत और चिंतामुक्त।
- अर्थव्यवस्था: भारत ‘फ्रैजाइल 5’ से बाहर निकलकर टॉप 5 में; 2027 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य।
- निवेश: 2,000 से अधिक ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर (GCC) भारत में कार्यरत।
- स्टार्टअप्स: नवोन्मेषण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड और स्टार्टअप्स के लिए विशेष सहायता।
- निर्यात: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर।
श्री गोयल ने अपने संबोधन के अंत में 2047 तक एक विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए 1.4 बिलियन भारतीयों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।














