रोहतास : बिहार के रोहतास जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में होम्योपैथिक चिकित्सक की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब चिकित्सक एक शादी समारोह से वापस अपने गांव लौट रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। मृतक की पहचान दिनारा थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी 60 वर्षीय चुनमुन महतो के रूप में हुई है, जो क्षेत्र के जाने-माने होम्योपैथिक चिकित्सक थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम का माहौल छा गया।
बताया जाता है कि चुनमुन महतो लंबे समय से होम्योपैथिक चिकित्सा से जुड़े हुए थे और आसपास के कई गांवों में लोगों का इलाज करते थे। वे साधारण जीवन जीने वाले और लोगों की सेवा करने वाले चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। ग्रामीणों के अनुसार वे जरूरतमंद मरीजों से अक्सर बहुत कम फीस लेते थे और कई बार मुफ्त में भी इलाज कर देते थे। इसी कारण इलाके में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा थी और लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते थे। उनके निधन से क्षेत्र के लोगों को गहरा आघात पहुंचा है।
घटना रोहतास जिले के दावथ थाना क्षेत्र के धवयीं गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 319 पर बीती रात हुई। जानकारी के अनुसार चुनमुन महतो अपने एक परिचित होम्योपैथिक चिकित्सक की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने गए थे। विवाह समारोह संपन्न होने के बाद देर रात वे अपनी मोटरसाइकिल से अपने गांव सेमरी लौट रहे थे। रास्ते में धवयीं गांव के पास अचानक एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित टेंपो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि चुनमुन महतो गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद टेंपो चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल चिकित्सक को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे की सूचना जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। परिवार के सदस्यों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जो व्यक्ति कुछ घंटे पहले तक बिल्कुल स्वस्थ थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार चुनमुन महतो मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। वे वर्षों से लोगों का इलाज कर रहे थे और कई मरीजों को गंभीर बीमारियों से राहत दिलाई थी। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उनके जाने से क्षेत्र में चिकित्सा सेवा की कमी महसूस की जाएगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद दावथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार टेंपो चालक की तलाश की जा रही है।
दावथ थाना क्षेत्र के चौकीदार लाल बहादुर सिंह ने बताया कि धवयीं गांव के पास सड़क दुर्घटना में सेमरी गांव निवासी चुनमुन महतो की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की आगे जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि टेंपो चालक की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि दुर्घटना के जिम्मेदार चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 319 पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं। रात के समय सड़क पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।
चुनमुन महतो का परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट गया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे घर के मुख्य सहारा थे और उनकी मृत्यु से परिवार पर संकट आ गया है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे के जिम्मेदार चालक को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गांव के लोगों का कहना है कि चुनमुन महतो न केवल एक चिकित्सक थे बल्कि समाजसेवी भी थे। वे अक्सर गांव के गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करते थे। कई बार उन्होंने मरीजों को दवा के साथ आर्थिक सहायता भी दी थी। इसी वजह से उनके निधन की खबर सुनकर आसपास के कई गांवों में शोक की लहर फैल गई।
शादी समारोह से लौटते समय हुई यह दुर्घटना एक खुशहाल माहौल को पल भर में मातम में बदल गई। जो व्यक्ति शादी समारोह में शामिल होकर खुशी-खुशी घर लौट रहा था, वह रास्ते में ही दुर्घटना का शिकार हो गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार प्रशासन को इस संबंध में शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का मानना है कि यदि सड़क पर उचित संकेतक, स्पीड ब्रेकर और पुलिस गश्त की व्यवस्था हो तो इस तरह के हादसों को कम किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने दुर्घटना को होते देखा है या टेंपो के बारे में कोई जानकारी है तो पुलिस को सूचित करें।
चुनमुन महतो का अंतिम संस्कार पूरे गांव की मौजूदगी में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। लोगों ने कहा कि चुनमुन महतो की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी। उनका जीवन दूसरों की सेवा में बीता और वे हमेशा लोगों की यादों में जीवित रहेंगे।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए बड़ी क्षति है। एक अनुभवी चिकित्सक के निधन से क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए अब दूर जाना पड़ सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही किसी की भी जिंदगी छीन सकती है। प्रशासन और आम लोगों दोनों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।













