टैक्स वसूली जारी, लेकिन पानी, सफाई, डस्टबिन और स्ट्रीट लाइट शून्य—स्थानीय निवासियों में गहरी नाराजगी
गिरिडीह/सरिया। सरिया अनुमंडल के बड़की सरिया नगर पंचायत द्वारा हटिया टांड़ रोड क्षेत्र को लगातार उपेक्षित करने के आरोप गंभीर रूप से उभरकर सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों ने कहा कि नगर पंचायत नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स वसूलती है, लेकिन इसके बदले इस क्षेत्र को एक भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही। लोग इसे नगर पंचायत का “सौतेला रवैया” बता रहे हैं।
ऐतिहासिक और व्यस्त सड़क, पर सुविधाओं का अभाव
गणेश मंदिर से रेलवे फाटक तक का यह क्षेत्र हटिया टांड़ रोड के नाम से जाना जाता है और आर्थिक गतिविधियों के दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर बुधवार सुबह 6 बजे से शाम 7:30 बजे तक साप्ताहिक हाट बाजार लगता है, जिसमें हजारों ग्रामीण खरीद-बिक्री के लिए पहुंचते हैं।
इसके बावजूद —
✔ सड़क पर पानी की व्यवस्था नहीं
✔ सफाई की अनियमितता
✔ डस्टबिन का अभाव
✔ स्ट्रीट लाइट शून्य
— जैसी समस्याएँ बरकरार हैं।
पीने के पानी की एकमात्र चापाकल बंद — लोगों में गंभीर आक्रोश
स्थानीय लोगों के अनुसार इस रोड पर लोगों, स्कूली बच्चों और मवेशियों के लिए केवल एक सरकारी बोरिंग/चापाकल उपलब्ध थी, जिसमें से सब पानी पीते थे। लेकिन आरोप है कि
- एक महिला कर्मी की पैरवी पर इसे “मृत घोषित” करके बंद करा दिया गया
- नगर प्रबंधन को कई बार शिकायत दी गई
- पुनः चालू कराने का आश्वासन मिला, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई
लोगों का कहना है कि पेयजल सुविधा हटाया जाना लोगों की बुनियादी जरूरतों से खिलवाड़ है।
डस्टबिन नहीं, सफाई आधी-अधूरी
पूरे रोड में एक भी डस्टबिन नगर पंचायत द्वारा नहीं लगाया गया है।
सफाई व्यवस्था इस प्रकार बताई गई है —
- सफाई कर्मी आते तो हैं, लेकिन केवल सड़क पर दिखाई देने वाला कचरा उठाते हैं
- कचरा किनारे पड़ा हो तो साफ करने से मना कर देते हैं
- कई जगहों पर कर्मियों को निजी भुगतान करने पर विशेष सफाई भी की जाती है
इससे भ्रष्टाचार और भेदभाव के आरोप और मजबूत होते दिख रहे हैं।
सोलर स्ट्रीट लाइट पर पक्षपात के आरोप
हटिया टांड़ रोड के निवासी इस बात से सबसे अधिक नाराज हैं कि —
- पूरे रोड पर एक भी सोलर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई
- वहीं दूसरी ओर बीजेपी कार्यकर्ताओं और प्रभावशाली लोगों के घरों व रास्तों पर बड़ी संख्या में सोलर लाइट लगाई गई है
- कुछ जगह तो खेत तक रोशन किए गए हैं
लोगों का कहना है कि यह नगर पंचायत की योजनाओं के वितरण में स्पष्ट पक्षपात दर्शाता है।
नाली 10 साल से नहीं साफ — दुर्गंध में जी रहे लोग
स्थानीय निवासियों के अनुसार —
- हटिया टांड़ रोड पर 10 वर्ष पहले नाली निर्माण किया गया था
- तब से आज तक उसकी सफाई नहीं की गई
- पानी की निकासी रुकने से सड़क पर गंदगी और दुर्गंध फैल रही है
निवासियों की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे कर तो देते हैं, लेकिन सुविधाएँ नहीं मिल रहीं।
निवासियों ने मांग की है —
🔹 पेयजल सुविधा तुरंत बहाल की जाए
🔹 सड़क पर डस्टबिन और नियमित सफाई की व्यवस्था हो
🔹 हटिया टांड़ रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाए
🔹 नाली की तुरंत सफाई कराई जाए
स्थानीय लोगों ने चेतावनी भी दी है कि यदि समस्याएँ जल्द नहीं सुलझाई गईं, तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
हटिया टांड़ रोड की उपेक्षा यह दर्शाती है कि नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों को समान महत्व नहीं दिया जा रहा।
ऐसी स्थिति में यह प्रश्न उठ रहा है कि—
जब सुविधाएँ नहीं मिल रहीं, तो टैक्स वसूली का औचित्य क्या है?
लोगों की उम्मीद अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन शिकायतों पर ध्यान दे और सड़क क्षेत्र को भी बुनियादी अधिकारों और नागरिक सुविधाओं से जोड़ा जाए।














