- बिहार: ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ के नाम पर बड़ा साइबर ठगी रैकेट बेनकाब, नवादा से 2 आरोपी गिरफ्तार
नवादा/हिसुआ। बिहार के नवादा जिले में एक बेहद चौंकाने वाले साइबर ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है। इस रैकेट में कथित तौर पर पुरुषों को निःसंतान महिलाओं को प्रेग्नेंट कराने के बदले 10 लाख रुपये देने का लालच देकर फंसाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह पूरा स्कैम “ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस” नाम से चलाया जा रहा था, जिसके जरिए लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ठगी की जा रही थी।
हिसुआ पुलिस की छापेमारी, मनवां गांव से गिरफ्तारी
नवादा पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव धीमान ने बताया कि इस मामले में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। साइबर पुलिस की SIT ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना तंत्र (Human Intelligence) की मदद से हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां गांव में एक घर पर छापेमारी कर दो साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
SP अभिनव धीमान के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- रंजन कुमार (पिता – सुखदेव प्रसाद)
- देवनंदन कुमार (पिता – अनिल प्रसाद)
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी मोबाइल पर किसी ग्राहक को सस्ते लोन और ‘प्रेग्नेंट कराने वाली नौकरी’ का झांसा दे रहे थे।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे “ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब” और “प्लेबॉय सर्विस” जैसे नामों से कई लोगों को झांसे में लेकर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
ठगी करने का तरीका
बेरोजगार युवकों को फोन कर 10 लाख रुपये कमाने का झांसा दिया जाता था। कॉल करने वाले खुद को किसी एजेंसी/कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कहते थे कि नि:संतान महिलाओं को प्रेग्नेंट कराने के बदले मोटी रकम मिलेगी। शुरुआत में आसान काम और बड़ी कमाई का लालच देकर युवकों का भरोसा जीता जाता, फिर “रजिस्ट्रेशन”, “प्रोसेसिंग”, “क्लाइंट चार्ज” जैसे नामों पर किस्तों में पैसे मंगाए जाते थे।
कई युवक इस लालच में रकम भेज देते, लेकिन भुगतान या कोई काम मिलने के बजाय उनसे बार-बार पैसे वसूले जाते। जब पीड़ित सवाल पूछते या पैसे वापस मांगते, तो कॉल करने वाले बहाने बनाने लगते और अंत में कॉल बंद कर संपर्क पूरी तरह तोड़ देते। इस तरह युवाओं को शिकार बनाकर लाखों की ठगी की जाती थी।
कौन थे टारगेट?
पुलिस के अनुसार इस गैंग के निशाने पर , निःसंतान महिलाएं, बेरोजगार युवक, जल्दी पैसा कमाने वाले लोग थे। यही नहीं, पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यह रैकेट राज्य के बाहर तक नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था।
इस कार्रवाई में शामिल SIT टीम
- साइबर थाना के SI राहुल देव वर्मण
- सिपाही चुनचुन कुमार
- सूरज कुमार
- सुभाष कुमार
शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई: जेल भेजे गए आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही यह भी बताया गया कि पिछले साल भी इसी तरह “प्रेग्नेंट करने” के नाम पर ठगी का मामला सामने आया था, इसलिए पुलिस इस बार इसे गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच तेज कर रही है।
पुलिस की अपील
आम लोगों को इन लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है – “जल्दी पैसा”, “जॉब सर्विस”, “रजिस्ट्रेशन के बाद कमाई”, “प्रेग्नेंट जॉब” जैसे कॉल आएं तो सावधान। किसी भी अनजान लिंक/कॉल पर निजी जानकारी और पैसे साझा न करें।
तुरंत साइबर थाना या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।













