जमशेदपुर:-देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं सुधा गुप्ता ने साकची और मानगो के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोहों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया और उसे सलामी दी।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि 26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है। इसी दिन वर्ष 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान न केवल नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि हमें हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान के कारण ही आज हम एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में जीवन जी पा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान के मुख्य शिल्पकार के रूप में उन्होंने ऐसा दस्तावेज़ तैयार किया, जो समानता, न्याय और स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारत एकता में विविधता का अनुपम उदाहरण है, जहाँ अनेक भाषाएँ, धर्म और संस्कृतियाँ होते हुए भी देश की पहचान आपसी भाईचारे और एकता से बनी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब नागरिक शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएँ। साथ ही, हमारे सशस्त्र बलों का शौर्य, देश की सांस्कृतिक विविधता और विकास की दिशा में हो रही प्रगति हम सभी को प्रेरणा देती है।
समापन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान के आदर्शों पर चलने और देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने का संदेश देता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने देशभक्ति नारों के साथ समारोह को यादगार बनाय









