- पत्थलगड़ी मामला- सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौतों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू
चाईबासा पत्थलगड़ी (जय कुमार): पश्चिमी सिंहभूम ज़िला पर्यवेक्षक और पूर्व सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कुजू और चाईबासा सिंहपोखरिया के बीच सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौतों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर सरकार और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की बजाय पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों पर जबरन हमला करना पुलिसिया कार्रवाई की पराकाष्ठा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शन से पहले प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना की पहले से जानकारी थी और उसे तोड़ने के लिए प्रदर्शन को हिंसक बनाया गया।
प्रदर्शनकारियों पर देशद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज करना ब्रिटिश हुकूमत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भले ही हम गठबंधन में हैं, लेकिन सच्चाई से मुँह नहीं मोड़ सकते। नो एंट्री की मांग जायज है और पार्टी जनता के साथ है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि नो एंट्री की मांग जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आंदोलन है, जिसका राजनीतिकरण करना उचित नहीं है।
इस अवसर पर आरजीपीआरएस के प्रदेश संयोजक सुनील शर्मा, दीनबंधु बोयपाई, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, सुरेश सवैया, विजय समाड, चंद्रभूषण बिरूवा, सुरेश चंद्र सवैया, जानवी कुदादा, मंजू बिरूवा, राजू कायम आदि उपस्थित थे। प्रदर्शनकारियों में सुशीला बोदरा, तारामणि देवगम नेवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।








