गिरिडीह/जिला संवाददाता संतोष तरवे: गिरिडीह जिला के सरिया प्रखंड में आनेवाले स्मार्ट सिटी में बड़की सरिया नगर पंचायत के द्वारा लगातार सरिया मुख्य मार्ग, (बाजार) में सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है। जी हां बताते चलें कि ये कोई नई बात नहीं की सरिया बाजार से प्रतिवर्ष होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, टोल टैक्स जैसे कई तरह से लाखों रुपए प्रतिवर्ष वसूला जाता है। लेकिन, विभाग की ओर से गैर जिम्मेदाराना रवैया भरपूर व्याप्त है।
साफ सफाई तो दुर की बात है। इस कड़कड़ाती और हाड़ कपकपा देने वाले ठंड में जहां जिला के उपायुक्त महोदय द्वारा लगातार शीतलहर से बचने के लिए तरह तरह के साधन जुटाने की बात होती है। वहीं बड़की सरिया नगर पंचायत, सब नियम कानून से परे होकर सौतेला व्यवहार अपनाती है। ना हीं बुजुर्गों, असहायों, मजदूरों, स्टेशन पर खुली ठंड में रात गुजारने वाले गरीब विकलांगों को राहत देने के लिए पर्याप्त कंबल मुहैया कराया गया ना हीं सात डिग्री ठंड को देखते हुए किसी भी चौक-चौराहों या व्यस्त बाजारों में थोड़ी बहुत लकड़ी ही मुहैया कराई गयी। ताकि आने जाने वाले राहगीर को भी ठंड से निजात मिल सके।
हां कुछ गिने चुने जगहों पर महज खाना पूर्ति के लिए डाक बंगला, नगर पंचायत कार्यालय, चंद्रमारनी स्टेशन रोड से खबर है की कभी-कभार थोड़ी बहुत लकड़ी दी जाती है, जो महज आधे घंटे तक राहत देती है। बाकी जगहों पर तो स्थिति शून्य है।
स्थिति इतनी भयावह है कि समय रहते स्थानीय दुकानदार अपने अपने प्रतिष्ठान को बंद कर अपने घरों में दुबक जाते हैं, ठंड से व्यापार भी प्रभावित है, वहीं मजदूर वर्ग के लोग अपनी आजीविका चलाने को विवश, घंटों प्लास्टिक और रोड पर बेकार पड़ी बोरियां जला कर ठंड से बचते नजर आते हैं।








