मानगो, जमशेदपुर: नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड संख्या–2 में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार को पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह ने आधिकारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के साथ ही क्षेत्र में समर्थकों का उत्साह और चुनावी माहौल साफ दिखाई देने लगा।
राष्ट्रहित से समाजहित तक—17 वर्षों की सक्रियता
सुशील कुमार सिंह केवल एक प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि पूर्व सैनिक होने के कारण अनुशासन और सेवा की पहचान भी रखते हैं।
वे—
- भारत भारती संस्था के प्रदेश सचिव
- पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पूर्व प्रदेश महामंत्री
रहे हैं और पिछले 17 वर्षों से 7×24×365 राष्ट्रहित, समाजहित और सैन्यहित के कार्यों में सक्रिय रहने का दावा करते हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार वे मिलनसार, मृदुभाषी और सहज उपलब्ध रहने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं।

मंदिर में पूजा के बाद नामांकन के लिए प्रस्थान
नामांकन से पहले समर्थकों ने सहारा सिटी मंदिर में पूजा–अर्चना की। पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर सभी लोग अनुशासित तरीके से नामांकन स्थल की ओर रवाना हुए। इस दौरान कॉलोनी प्रतिनिधियों और तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक विशेष स्वरूप दिया।
प्रस्तावक और समर्थकों की मौजूदगी
नामांकन प्रक्रिया पूरी करते समय कई सामाजिक और संगठनात्मक प्रतिनिधि उपस्थित रहे—
- एस. एन. पाल (भारतीय मानव अधिकार संगठन के अध्यक्ष) – कॉलोनीवासी
- तेज प्रताप सिंह – प्रस्तावक
- बिनोद सिंह – समर्थक, पूर्व जिलाध्यक्ष (भारतीय जनता पार्टी)
- राजीव रंजन – पूर्व सैनिक सेवा प्रतिनिधि
साथ ही अरुण सिंह, दिलजोय बोस, शंभू त्रिवेदी, बी.के. सिंह, जटाशंकर, पी.एन. सहाय, एन. उपाध्याय, सतीश चंद्र मिश्रा, लाट सिंह, दुर्गा राव, रमेश कुमार सिंह, बलजीत सिंह, बरमेश्वर पांडे, हीरा सिंह, प्रमोद कुमार दास, अशोक श्रीवास्तव, भोला प्रसाद सिंह, हंसराज सिंह, महेश जोशी, सुनील राय, जावेद खान, महेश चंद्र प्रसाद, दिनेश सिंह, संजीवाचार्य, राजेश विद्रोही, रजत डे, सुरेंद्र मौर्य, सतनाम सिंह, सनी परमार समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
आचार संहिता का पालन
कार्यक्रम के दौरान चुनाव आचार संहिता के नियमों का पालन किया गया। जुलूस या नारेबाज़ी के बजाय शांतिपूर्ण और संयमित तरीके से नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई।
राजनीतिक संकेत और क्षेत्रीय समीकरण
वार्ड–2 में यह नामांकन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
✅ पूर्व सैनिक पृष्ठभूमि से अनुशासन और सेवा की छवि
✅ सामाजिक संगठनों से जुड़ाव
✅ कॉलोनी और स्थानीय समूहों का समर्थन
✅ साफ-सुथरी सार्वजनिक छवि पर जोर
मानगो वार्ड–2 का चुनाव अब रोचक मोड़ लेता दिख रहा है। सुशील कुमार सिंह का नामांकन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठित सामाजिक समर्थन और सेवा-आधारित छवि के साथ मैदान में उतरने का संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह समर्थन वोटों में कितना परिवर्तित हो पाता है।
(चुनावी कवरेज जारी रहेगा)














