- बिरसा मुंडा की पावन धरती पर नौ सेनाध्यक्ष एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का पूर्व सैनिकों ने किया स्वागत
रांची | देश के महान सेनापति एवं स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर रांची के सीसीएल कंपाउंड स्थित गंगोत्री सभागार में “विकसित भारत 2047, संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रयास से आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का संदेश प्रमुख रहा।
इस अवसर पर नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी (PVSM, AVSM, NM) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर राजकुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर की गई। इसके बाद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने नौसेना अध्यक्ष का स्वागत कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।

सेना के तीनों अंगों से जुड़े NCC कैडेट्स की रही खास भागीदारी
इस संवाद कार्यक्रम में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स विंग के एनसीसी कैडेट्स—
- SD (बच्चे)
- SW (बच्चियाँ)
के साथ-साथ स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, शहर के गणमान्य नागरिक और विभिन्न सामाजिक-सैन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्वी सिंहभूम सहित कई संस्थाओं की सहभागिता
कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल रहे—
- पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के प्रतिनिधि
- भारत भारती संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह
- प्रदेश सचिव सुशील कुमार सिंह
सहित अन्य गणमान्य लोग।
बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति और प्रेरणा से भर दिया।
नौसेना अध्यक्ष ने साझा किया 40 वर्षों का सफर
मुख्य वक्ता एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में बताया कि उनका सफर एनसीसी से शुरू होकर नौसेना प्रमुख बनने तक करीब 40 वर्षों में तय हुआ। उन्होंने कहा कि—
- नौसेना सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाती है।
“हम सब रिले रेस के धावक हैं…” — युवाओं को संदेश
एडमिरल त्रिपाठी ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा—
“हम सब रिले दौड़ की तरह देश के प्रतिभागी हैं। हमें अपनी दौड़ देश के विकास के लिए पूरी कर, आगे की पीढ़ी को बैटन सौंपना है।”
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं का सबसे बड़ा योगदान रहेगा।
“दुनिया के 200 देशों के लोग भारत पढ़ने आएंगे”
नौसेना अध्यक्ष ने भविष्य की संभावनाओं पर बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत शिक्षा और प्रगति का ऐसा केंद्र बनेगा कि दुनिया के लगभग 200 देशों के लोग भारत पढ़ने आएंगे।
उन्होंने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा—
- किसी की कॉपी न बनें
- अपनी प्रतिभा पर गर्व करें
- हर बाधा को पार कर निरंतर आगे बढ़ें
पूर्व नौसैनिक सुशील कुमार सिंह ने दी भावुक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम की जानकारी अखबार में पढ़ते ही पूर्व नौसैनिक सुशील कुमार सिंह ने रांची और दिल्ली में संपर्क कर कार्यक्रम का विवरण लिया और पूर्व सैनिक परिषद के प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।
उन्होंने बताया कि 31 वर्ष पहले नौसेना पोत INS रणवीर पर उन्हें एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के साथ सेवा करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा—
“आज नेताजी की जयंती पर नौसेना अध्यक्ष से मिलना महाकुंभ स्नान जैसा पवित्र अनुभव लगा।”

शॉल, बुके और मोमेंटो देकर किया स्वागत
स्वागत समारोह में—
- डॉ. कमल शुक्ला एवं हंसराज सिंह ने शॉल भेंट किया
- रांची से सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह ने बुके दिया
- सुशील कुमार सिंह ने मोमेंटो देकर नौसेना अध्यक्ष का बिरसा मुंडा की धरती पर स्वागत किया
आयोजन की सफलता में कई संस्थाओं का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में—
- स्थानीय आर्मी यूनिट
- आर्मी स्कूल
- एनसीसी कैडेट्स
- स्कूलों के शिक्षक-प्राचार्य
- सीसीएल प्रबंधन समिति
का विशेष योगदान रहा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं बल्कि युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के लिए जागृत करने वाला प्रेरक संवाद साबित हुआ। “विकसित भारत 2047” की दिशा में युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश कार्यक्रम का मुख्य सार रहा।













