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दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो काजल मर्डर केस: वर्दी में बहादुर, घर में असुरक्षित — 5 मिनट की कॉल जिसने सब बदल दिया

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On: January 30, 2026 8:54 PM
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नई दिल्ली/गाजियाबाद। देश की राजधानी से आई यह खबर सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़े एक कड़वे सच को उजागर करती है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की SWAT यूनिट में तैनात 27 वर्षीय महिला कांस्टेबल काजल अब इस दुनिया में नहीं रहीं। आरोप है कि उनके पति अंकुर चौधरी (28) ने घरेलू विवाद के दौरान उन पर डंबल से हमला किया, सिर दरवाजे के फ्रेम पर पटका और गंभीर चोटें पहुंचाईं। अस्पतालों की जद्दोजहद के बाद 27 जनवरी की सुबह काजल ने दम तोड़ दिया।

यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि उस विडंबना की है जहाँ एक प्रशिक्षित कमांडो, जो बाहर अपराधियों और आतंक के खिलाफ लड़ती थी, अपने ही घर में हिंसा का शिकार हो गई।

काजल कौन थीं? बहादुरी से भरा सफर

काजल हरियाणा के गनौर की रहने वाली थीं। वर्ष 2022 में उन्होंने दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती ली। कठिन ट्रेनिंग के बाद वह स्पेशल सेल की SWAT (Special Weapons and Tactics) यूनिट का हिस्सा बनीं — यह दिल्ली पुलिस की एलीट कमांडो फोर्स है, जो हाई-रिस्क ऑपरेशन, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और संकट स्थितियों में तैनात रहती है।

वह फायरिंग, क्लोज कॉम्बैट और रेस्क्यू ऑपरेशन में दक्ष थीं। उनका छोटा भाई निखिल भी दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है। नवंबर 2023 में काजल ने अंकुर चौधरी से प्रेम विवाह किया था। दंपति का एक डेढ़ साल का बेटा भी है।

22 जनवरी की रात: 5 मिनट की कॉल, जिसने सब खत्म कर दिया

रात करीब 10 बजे अंकुर ने निखिल को फोन किया। उसने घरेलू झगड़े की बात कही। कुछ देर बाद काजल ने फोन लेकर भाई को अपनी परेशानी बताने की कोशिश की, लेकिन अंकुर ने फोन छीन लिया।

निखिल के अनुसार, अंकुर ने धमकी दी कि वह काजल को जान से मार देगा और बातचीत रिकॉर्ड कर लेने को कहा। इसके तुरंत बाद फोन पर काजल की चीखें सुनाई दीं। आरोप है कि अंकुर ने डंबल से हमला किया और सिर दरवाजे के फ्रेम पर दे मारा। अचानक फोन कट गया।

करीब 5 मिनट बाद अंकुर का दोबारा कॉल आया। उसने कथित तौर पर ठंडे स्वर में कहा — “मैंने तेरी बहन की हत्या कर दी है, आकर शव ले जा।”

अस्पताल की जंग और अंत

काजल को पहले द्वारका के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। 25 जनवरी को गाजियाबाद के अस्पताल में शिफ्ट किया गया, लेकिन 27 जनवरी सुबह 6 बजे उनकी मौत हो गई।

कानूनी कार्रवाई

शुरुआत में मामला हत्या के प्रयास (IPC 307) के तहत दर्ज हुआ था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या (IPC 302) में बदल दिया गया। आरोपी अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। परिवार का आरोप है कि वह दहेज के लिए दबाव बनाता था और मारपीट करता था। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है।

घरेलू हिंसा या दहेज?

प्रारंभिक जांच में दो बातें सामने आ रही हैं —
🔸 लगातार घरेलू विवाद
🔸 कथित दहेज उत्पीड़न

यह घटना दिखाती है कि वर्दी की ताकत और प्रशिक्षण भी घरेलू हिंसा से सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

काजल की मौत सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि चेतावनी है—

  • महिला पुलिसकर्मियों सहित हर महिला को घरेलू हिंसा से सुरक्षा कैसे मिले?
  • दहेज कानूनों का सख्ती से पालन क्यों नहीं हो पाता?
  • प्रेम विवाह के बाद भी सामाजिक सपोर्ट सिस्टम क्यों कमजोर पड़ जाता है?

काजल एक बहादुर कमांडो थीं। उन्होंने देश की सुरक्षा की शपथ ली थी, लेकिन अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रह सकीं। उनकी कहानी उस सच्चाई को सामने लाती है कि घरेलू हिंसा वर्दी, पद या ताकत नहीं देखती

यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि समाज के लिए आईना है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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